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अवध भारती/नवादा (बिहार)
         
नवादा:- जिले में टीइटी परीक्षा कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच शांतिपूर्ण एवं कदाचारमुक्त वातावरण में सम्पन्न हुई!
जिला पदाधिकारी मनोज कुमार ने दोनों पालियों में परीक्षा से ठीक आधा घंटा पूर्व सभी केन्द्रों पर जिले के वरीय एवं तेज तर्रार पदाधिकारियों के उपस्थिति में परीक्षा केन्द्रों के प्रतिनियुक्त वीक्षकों के कमरे का आवंटन रैंडमाइजेषन के द्वारा करवाया!
गौरतलव हो कि कदाचारमुक्त परीक्षा को लेकर कुछ लोगों द्वारा जो अटकलें लगायी जा रही थी, डीएम के इस कदम ने उस पर पूर्ण विराम लगा दिया। डीएम द्वारा अंतिम क्षणों में प्रतिनियुक्त सभी सातों वरीय दण्डाधिकारी अपने-अपने संबंधित केन्द्रों पर अंतिम समय पर डटे रहे!
जिला पदाधिकारी मनोज कुमार ने लगभग सभी केन्द्रों पर जाकर चल रही परीक्षा का जायजा लिया!
इनके साथ डीपीआरओ परिमल कुमार भी थे!
डीएम सभी केन्द्रों पर लगभग सभी कमरों में चल रही परीक्षा का निरीक्षण किया एवं प्रतिनियुक्त दण्डाधिकारी, पुलिस पदाधिकारियों को भी आवष्यक दिषा निर्देष देते हुए देखे गए!
प्रथम पाली में कुल 1147 परीक्षार्थी उपस्थित हुए एवं जिसका प्रतिषत 92.72 प्रतिषत रहा!
द्वितीय पाली में 4077 परीक्षार्थी उपस्थित हुए एवं 272 परीक्षार्थी अनुपस्थित रहे!
उपस्थित परीक्षार्थियों का प्रतिषत 93.74 प्रतिषत रहा!
परीक्षा में कुल चार उड़नदस्ता, चार गस्तीदल, एवं 14 स्टैटिक दण्डाधिकारी व पुलिस पदाधिकारी के अतिरिक्त 7 जिला स्तर के वरीय पदाधिकारियों की प्रतिनियुक्ति की गयी थी! परीक्षा केन्द्र के आस-पास पूरी तरह से निषेधाज्ञा लागू की गयी थी।

             

पटना, सनाउल हक़ चंचल-

राज्य के सरकारी हाईस्कूल व प्लसटू विद्यालयों में शिक्षक, स्टाफ समेत तमाम कार्यबल की समस्या के तत्काल समाधान में शिक्षा विभाग जुट गया है। शिक्षा मंत्री डॉ. अशोक चौधरी ने शुक्रवार को बताया कि राज्य के उत्क्रमित माध्यमिक विद्यालयों में जल्द ही सभी विषयों के 19 हजार 864 शिक्षक बहाल किये जाएंगे। इसके लिए पद चिह्नित कर पदवर्ग समिति को भेजे गये हैं। इसी माह समिति इस पर निर्णय लेगी। इसके बाद नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू होगी।

शिक्षा मंत्री की अध्यक्षता में शुक्रवार को शिक्षक और स्नातक क्षेत्र के विधान पार्षदों के साथ शिक्षक और विद्यालयों की समस्या पर लम्बा विमर्श हुआ। 19 विन्दुवों पर हुए इस विमर्श में शिक्षा मंत्री ने विभाग के प्रधान सचिव आरके महाजन समेत सभी आलाधिकारियों की मौजूदगी में विभाग की कार्ययोजना रखी। बैठक के बाद शिक्षा मंत्री ने कहा कि राजकीय एवं प्रोजेक्ट माध्यमिक विद्यालयों में प्रधानाध्यापकों की नियुक्ति 30 सितम्बर के पूर्व हो जाएगी। हाईस्कूलों में चतुर्थ श्रेणी के कर्मियों की किल्लत दूर कर ली गयी है। जनशिक्षा के अनुदेशकों को सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर विभाग ने नियुक्त किया है। इनमें से एक-एक कर्मी को प्यून के रूप में सितम्बर तक सभी हाईस्कूल में तैनात कर दिया जाएगा।

डॉ. चौधरी ने बताया कि हाईस्कूलों में क्लर्क के खाली पद अगस्त में कर्मचारी चयन आयोग को नियुक्ति के लिए भेज दिये जाएंगे। इसके लिए सभी जिलों से क्लर्क के रिक्त पदों का ब्योरा मांगा गया है। शिक्षा मंत्री ने कहा कि हाईस्कूलों को राज्य सरकार ने संसाधनों से लैस किया है। इनके उपस्करों की सुरक्षा जरूरी है। इसके लिए राज्य के चार हजार हाईस्कूलों में एक-एक रात्रि प्रहरी नियुक्त किए जाएंगे। फिलहाल चार हजार रुपए मासिक के मानदेय पर नियुक्ति होगी। बाद में सुरक्षा प्रहरियों की स्थायी नियुक्ति सरकार करेगी।
 
जमुई संजीत कुमार बर्णवाल

जमुई:- कुरुक्षेत्र संस्थान की ओर से प्रगतिशील क्लास रेस में कुरुक्षेत्र सैनिक संस्थान में दाखिला के लिए टेस्ट परीक्षा लिया गया जिसमें जमुई जिला के 320 बेरोजगार लड़कों ने भाग लिया जिसमें पीआरओ नवीन कुमार ने बताया कुरुक्षेत्र बेरोजगार युवाओं को एकमात्र ऐसी संस्था है जहां पर हर युवा एक नई ऊंचाई देती है और रोजगार के साथ-साथ देश की सेवा मै भागिदार बनाता है,कुरुक्षेत्र एक मात्र ऐसी संतान है,जहा हर वर्ग के युवा आपने सपने को हासिल कर पाया है ,प्रगतिशील क्लास सेज जो जमुई के हर युवा वर्ग के लिए सफलता प्राप्त कर सकती है,जो कुरुक्षेत्र सैन्य संस्थान के लिए तैयार किया जाता हैं जो पिछले साल जमुई से करीबन चालीस युवा को रोजगार प्रप्त हुवा है,प्रगतिशील के निर्देशक विनोद कुमार वर्मा ने बताया कि प्रगति शील क्लाससेज जो हर युवा को मार्गदर्शन देता है,जहाँ युवा का मनोबल टूट चुकी हो या जो हर जगह से अपना उमीद तोड़ चुकी है,उसे मैं प्रगतिशील उसे युवा को एक नई सोच के साथ उड़न भारत है,उपस्थित छात्र छात्रा और कुरुक्षेत्र के निर्देशक गौतम कुमार सहायक शिक्षक अरुण यादव विपुल कुमार छात्र नंदन कुमार प्रशांत कुमार सहित सेकड़ो लोग ने भाग लिया।

पटना, सनाउल हक़ चंचल-

बिहार । मैट्रिक परीक्षा में अपने रिजल्ट से असंतुष्ट 72, 383 विद्यार्थी ने स्क्रूटिनी के लिए ऑनलाइन आवेदन किया है। वहीं 273 परीक्षार्थियों ने ऑफलाइन आवेदन किया। मैट्रिक में दोनों मिलाकर 1 लाख 8 हजार 391 उत्तर पुस्तिकाओं की स्क्रूटिनी की जाएगी। स्क्रूटिनी के लिए 27 जून से 6 जुलाई तक आवेदन लिया गया। मैट्रिक परीक्षा में 8 लाख 56 हजार से अधिक छात्र फेल हो गए थे, पर स्क्रूटिनी के लिए आवेदन करने वाले छात्रों की संख्या बहुत कम है। इसकी जांच की प्रक्रिया जल्द शुरू होगी। कंपार्टमेंटल की परीक्षा के लिए 33 हजार आवेदन : बोर्ड द्वारा कंपार्टमेंटल और विशेष परीक्षा में शामिल होने के लिए ऑनलाइन आवेदन लिया जा रहा है। ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि 12 जुलाई तक है। अब तक ऑनलाइन माध्यम से आवेदन करने वाले छात्रों की संख्या 33 हजार 747 पहुंची है। कंपार्टमेंटल की परीक्षा 27 जुलाई से 3 अगस्त तक होना है। अगर छात्र समय पर ऑनलाइन आवेदन नहीं करते हैं तो बाद में मौका नहीं मिलेगा। मैट्रिक के कंपार्टमेंटल की परीक्षा में शामिल होने के लिए छात्रों के पास आवेदन के शेष पांच दिन बचे हैं।

मैट्रिक में स्क्रूटिनी के लिए 72 हजार छात्रों ने किया आवेदन

पटना, सनाउल हक़ चंचल-

बिहार । मैट्रिक परीक्षा में अपने रिजल्ट से असंतुष्ट 72, 383 विद्यार्थी ने स्क्रूटिनी के लिए ऑनलाइन आवेदन किया है। वहीं 273 परीक्षार्थियों ने ऑफलाइन आवेदन किया। मैट्रिक में दोनों मिलाकर 1 लाख 8 हजार 391 उत्तर पुस्तिकाओं की स्क्रूटिनी की जाएगी। स्क्रूटिनी के लिए 27 जून से 6 जुलाई तक आवेदन लिया गया। मैट्रिक परीक्षा में 8 लाख 56 हजार से अधिक छात्र फेल हो गए थे, पर स्क्रूटिनी के लिए आवेदन करने वाले छात्रों की संख्या बहुत कम है। इसकी जांच की प्रक्रिया जल्द शुरू होगी। कंपार्टमेंटल की परीक्षा के लिए 33 हजार आवेदन : बोर्ड द्वारा कंपार्टमेंटल और विशेष परीक्षा में शामिल होने के लिए ऑनलाइन आवेदन लिया जा रहा है। ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि 12 जुलाई तक है। अब तक ऑनलाइन माध्यम से आवेदन करने वाले छात्रों की संख्या 33 हजार 747 पहुंची है। कंपार्टमेंटल की परीक्षा 27 जुलाई से 3 अगस्त तक होना है। अगर छात्र समय पर ऑनलाइन आवेदन नहीं करते हैं तो बाद में मौका नहीं मिलेगा। मैट्रिक के कंपार्टमेंटल की परीक्षा में शामिल होने के लिए छात्रों के पास आवेदन के शेष पांच दिन बचे हैं।
नीरज कुमार / खगड़िया
पटना - बिहार प्रारंभिक शिक्षक (प्रशिक्षित) पात्रता परीक्षा-2017 का आयोजन 23 जुलाई को सूबे के 348 केंद्रों पर होगा। प्रवेश पत्र 10 जुलाई के बाद बोर्ड की वेबसाइट (www.bsebonline.net ) पर अपलोड कर दिया जाएगा। समिति अध्यक्ष आनंद किशोर ने बताया कि सुधार के कई अवसर दिए जाने के बाद 2,43,459 अभ्यर्थियों के आवेदन सही प्राप्त हुए हैं। इनका प्रवेश पत्र जारी किया जाएगा। पेपर वन (कक्षा एक से पांच तक) की परीक्षा में शामिल होने के लिए 50,950 और पेपर टू (कक्षा छह से आठ तक) के लिए 1,92,509 अभ्यर्थियों को प्रवेश पत्र जारी किया जाएगा। प्रथम पाली में पेपर वन की परीक्षा सुबह 10:00 से 12:30 बजे होगी। दूसरी पाली में पेपर टू की परीक्षा दोपहर 2:00 बजे से 4:30 के बीच होगी। दोनों पेपर में एक-एक अंक के 150 प्रश्न पूछे जाएंगे। इसमें से 30 हजार से अधिक अभ्यर्थी ऐसे हैं जो पेपर वन और टू दोनों की परीक्षा में शामिल होंगे।

राजधानी में बनाए गए 30 केंद्

सूबे में सबसे अधिक राजधानी में 30 केंद्र बनाए गए हैं। इन केंद्रों पर 15,555 अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल होंगे। इनमें पेपर वन की परीक्षा में 2,446 और टू में 13,109 अभ्यर्थी शामिल हैं।
नीरज कुमार / खगड़िया
बिहार में एक ऐसा यूनिवर्सिटी भी हैं जहां आत्मदाह की धमकी देने के बाद रिजल्ट सुधारा जाता है। जी हां, हम बात कर रहे हैं भागलपुर के तिलकामांझी यूनिवर्सिटी की जहां कुछ ऐसा ही वाक्या पेश आया है। कोशी कॉलेज खगडिया के छात्र और हॉकी कोच विकाश कुमार का दो साल से अटक हुआ रिजल्ट भागलपुर विवि आत्मदाह की धमकी के बाद सुधारने को तैयार हुआ। गुरुवार को विकाश विवि पहुंचा और परीक्षा नियंत्रक, प्रॉक्टर से लेकर अन्य पदाधिकारियों से मिला। फिर आत्मदाह की धमकी दी तो उसे प्रतिकुलपति से मिलवाया गया। विकाश ने बताया की उसके स्नातक पार्ट एक और तीन का रिजल्ट क्लियर है केवल पार्ट दो में ऑब्जेक्टिव प्रश्नों का मूल्यांकन नहीं किये जाने से वह दो साल से रिजल्ट के लिए विवि का चक्कर लगा रहा है। वह रायपुर स्पोर्ट्स कॉलेज में अभी पढ़ रहा है जहाँ से उसे रिजल्ट नहीं रहने के कारण हटाने की बात कही जा रही है। ऐसा हुआ तो वह आत्मदाह कर लेगा। इसके बाद प्रतिकुलपति ने परीक्षा नियंत्रक को उसका रिजल्ट सुधारने के लिए फौरन निर्देश दिया।
वरुण कुमार सिमुलतला (जमुई)
जमुई(बिहार):-सिमुलतला आवासीय विद्यालय के छात्र छात्राओं ने वर्ष 2017 मैट्रिक की परीक्षा में सफलता की हैट्रिक लगाई है। हलांकि इस वर्ष विद्यालय ने राज्य टॉपर देने में कामयाबी हासिल नहीं कर सका। विद्यालय से जो उम्मीद राज्यवासी लगा रखा था उस अनुरूप सफलता विद्यालय के छात्र-छात्राओं के परीक्षा फल से नहीं आये। विद्यालय से 6 छात्र छात्राओं ने टॉप टेन में स्थान बनाकर विद्यालय के साथ पूरे राज्य को गौरान्वित करने का काम किया है। इस वर्ष सिमुलतला आवासीय विद्यालय से कुल 117 परीक्षार्थियों ने मैट्रीक की परीक्षा में शामिल हुए थे। जिसमें से 56 छात्र एवं 57 छात्राएं हैं। इस विद्यालय से  तीसरी बार छात्र छात्राओं ने मैट्रिक की परीक्षा में शामिल हुए। विद्यालय के छात्रा बेगूसराय निवासी भव्या कुमारी 464 अंक लाकर सूबे में दूसरा स्थान लाया वहीं हर्षिता कुमारी 462 अंक लाकर तीसरा, शिवम कुमार 460, दिपालोक कौशिक 459, मानव गोपाल 458 एवं प्रज्ञा आनंद 458 अंक,शुभम कुमार 454, पल्लवी भारती 455, मो0 जाहिर 455, ईरशाद आलम्ब455, कांतेश कुमार 456 बिहार टॉप टेन में स्थान बनाने में कामयाब हुए। इस वर्ष कुल 17 लाख 63 हजार चार सौ 23 परीक्षार्थी मैट्रीक की परीक्षा में फॉर्म भरा।
 8 लाख 97 हजार एक सौ 68 छात्र एवं 8 लाख 66 हजार 32 सौ 55 छात्राएं फॉर्म भरे। 51.3 प्रतिशत परीक्षाथियों ने सफलता हासिल किया। जिसमें से 40 प्रतिशत छात्रा एवं 49.6 प्रतिशत छात्र सफल रहे। सिमुलतला विद्यालय के प्राचार्य डॉ0 राजीव रंजन ने कहा कि रिजल्ट अपेक्षा के अनुरूप नहीं हो सका। सफल छात्र-छात्राओं को बधाई दी। वही विद्यालय के छात्र-छात्राएं कैसे और बेहतर करे इसके लिए विशेष तैयारी की जायेगी। इसके बारे में बिचार विमर्श भी किया गया।
भारत ने देश में ही बने पृथ्वी 2 मिसाइल का सफल परीक्षण किया. ओडिशा के चांदीपुर टेस्ट रेंज से शुक्रवार सुबह 9.56 बजे मोबाइल लॉन्चर के जरिये फायर की गईं पृथ्वी 2 मिसाइलें परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम हैं.

आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि जमीन से जमीन पर मार करने वाली इस मिसाइल का रेंज 350 किलोमीटर तक है. उन्होंने कहा कि इस बहुत ही एडवांस मिसाइल का परीक्षण सफल रहा और मिशन के लक्ष्य पूरे हुए.

पृथ्वी-2 मिसाइल में 2 प्रोपेलर इंजन लगे हैं और यह 500 से 1000 किलोग्राम वजनी आयुध ले जाने में सक्षम है. यह अपने लक्ष्य को सटीकता से निशाना बनाने के लिए अत्याधुनिक प्रणाली का इस्तेमाल करती है.

इससे पहले 21 नवंबर 2016 को इसी जगह से दो पृथ्वी 2 मिसाइलों का एक के बाद एक परीक्षण किया गया था. इस 9 मीटर लंबी मिसाइल को वर्ष 2003 में भारतीय सशस्त्र बल में शामिल किया गया था. यह पहली ऐसी मिसाइल है, जिसे डीआरडीओ ने इंटीग्रेटेड गाइडिड मिसाइल डिवलपमेंट प्रोग्राम के तहत विकसित किया है.
दिल्ली के पूर्व मंत्री कपिल मिश्रा ने शुक्रवार को अरविंद केजरीवाल सरकार पर एक और घोटाले का भांडा फोड़ा. कपिल मिश्रा ने कहा कि सारा माल चीन से बनकर आता है, लेकिन बताया जाता है कि यह माल कनाडा से है. सीएनजी घोटाले का खुलासा करते हुए कपिल मिश्रा ने कहा कि 10 हजार गाड़ियों में नकली सीएनजी किट लगाई गई है.प्रेस कांफ्रेंस के दौरान कपिल मिश्रा ने कहा कि सत्येंद्र ने केंद्र सरकार को धमकी दी है.

आरोपों की नई किस्त
मिश्रा ने ट्विटर पर ऐलान किया है कि आज 11 बजे वो एक और घोटाले का खुलासा करेंगे. वो मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और सत्येंद्र जैन पर स्वास्थ्य विभाग में तीन घोटालों को अंजाम देने का आरोप लगा चुके हैं. बर्खास्त होने के बाद मिश्रा ने दावा किया था कि उन्होंने केजरीवाल को जैन से 2 करोड़ रुपये लेते देखा है.

राजघाट गए मिश्रा
शुक्रवार की सुबह कपिल मिश्रा महात्मा गांधी की समाधि पर गए और बापू से केजरीवाल की 'बुद्धि शुद्धि' की प्रार्थना की. इसके बाद उन्होंने पत्रकारों से गुरुवार को विधानसभा में उनके साथ हुए सुलूक का जिक्र किया. मिश्रा का कहना था कि केजरीवाल अब गुंडागर्दी पर उतर आए हैं. लिहाजा पार्टी के आम कार्यकर्ता अब उनके साथ नहीं हैं.

'नक्सलियों से जुड़े केजरीवाल के तार'
मिश्रा ने कहा कि केजरीवाल के ताल्लुक नक्सलियों से जुड़े हैं. उन्होंने दावा किया कि वो अगले 10-15 दिनों में केजरीवाल के 'देशद्रोह' को साबित करेंगे.

कुमार विश्वास पर भी निशाना
मिश्रा ने अपने करीबी कुमार विश्वास पर भी तंज कसे. उनका कहना था कि विश्वास बरसों से केजरीवाल की साजिश के गवाह रहे हैं. 31 मई को कुमार विश्वास ने एक ट्वीट में कहा था, ' जाकौ प्रभु दारुण दुख देही, ताकी मति पहिले हर लेही'. सियासी गलियारों में इसके कई मायने लगाए गए थे. लेकिन मिश्रा को लगता है कि ट्वीट से साफ होता है कि मति केजरीवाल की हर ली गई है. 
The Central Secretariat of the Communist Party of India (CPI) issued the following statement to the Press:
The Central Secretariat of the Communist Party of India calls for agitations against the restrictions of environment ministry, which imposes a ban on selling cattle to slaughter houses. This will lead to ban on availability of cattle meat to people. If cattle is not available for slaughtering how the meat is available to people.
This is interference in the authority of states, as animal husbandry comes into concurrent list. This ban is an attack on the food habits of the majority people of the nation. A government cannot interfere in the choice of the people’s food. Beef is comparatively cheaper and gives enough proteins, hence working people prefer it in all religions. This is a unwise decision. This should be withdrawn.
CPI calls upon its units to orgainse protest actions throughout the country from 3rd to 10th of June, demanding withdrawal of the notification totally.
(S. Sudhakar Reddy)
General Secretary

कपिल शर्मा को खराब तबीयत के चलते अस्पताल में भर्ती कराया गया है. खबर है कि बुधवार को अपने शो 'द कपिल शर्मा' शो की शूट के दौरान ही कपिल की तबीयत खराब हो गई. इसके बाद उन्हें तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया.

न्यूज18 ने जब इस विषय में  कपिल की टीम से बात की पता चला कि वो अचानक बीमार हो गए थे. उन्हें अस्पताल ले जाया गया है, जहां उनकी हालत मे तेजी से सुधार हो रहा है.

अभी इस बात की जानकारी नहीं दी गईं हैं कि कपिल को किस हॉस्पिटल में भर्ती किया गया.
यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा 2016 के नतीजे घोषित कर दिए गए हैं. कर्नाटक की केआर नंदिनी ने टॉप किया है.वहीं अनमोल शेर सिंह बेदी और गोपालकृष्‍ण रोनांकी क्रमश: दूसरे और तीसरे नंबर पर रहे.

यूपीएससी की ओर से बुधवार को नतीजे घोषित किए गए. इसके तहत 1099 उम्‍मीदवारों के नाम सरकारी सेवा के लिए भेजे गए हैं. 220 उम्‍मीदवारों के नाम वेटिंग लिस्‍ट में रखा गया है.

टॉप 10 में तीन महिलाएं हैं. नंदिनी के अलावा सौम्‍या पांडे और श्‍वेता चौहान भी टॉप-10 में रहीं.  नतीजों में  जनरल कैटेगरी से 500, ओबीसी से 347,एससी से 163 और एसटी से89 उम्‍मीदवार चुने गए.

सिविल सेवा उत्‍तीर्ण करने वाले उम्‍मीदवार भारतीय प्रशासनिक सेवा, भारतीय विदेश सेवा, भारतीय पुलिस सेवा और केंद्रीय सेवा ए व बी के लिए चुने जाते हैं.

कोलकाता: पशु बाजारों में कत्ल के लिए जानवरों की खरीद-फरोख्त पर लगाई गई रोक का देश के विभिन्न हिस्सों में विरोध हो रहा है। कांग्रेस और लेफ्ट के बाद सोमवार को पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस और तमिलनाडु में डीएमके ने सरकार पर हमला बोला। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस प्रतिबंध का विरोध करते हुए इसे असंवैधानिक करार दिया है। उन्होंने पूछा कि क्या केंद्र सरकार चाहती है कि लोग गायों को ताले में बंद करके रखें? ममता ने सरकार के इस आदेश की टाइमिंग पर सवाल उठाते हुए कहा कि रमजान के महीने में ही यह फैसला क्यों लिया गया। उन्होंने इस पर कोर्ट जाने की चेतावनी दी है।
पशु बाजारों में वध के लिए मवेशियों की खरीद-बिक्री पर रोक लगाने से जुड़े केंद्र के नोटिफिकेशन पर ममता बनर्जी ने तीखा हमला बोला। केंद्र पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा, 'यह सरकार अब गाय के दूध पर भी बैन लगाएगी...हम सभी गो माता को पसंद करते हैं लेकिन समस्या से निपटने का यह तरीका नहीं है।' उन्होंने पूछा कि क्या गायों को ताले में बंद करके रखा जाए?
ममता बनर्जी ने कहा कि इस बैन से किसानों पर बुरा असर पड़ेगा। उन्होंने कहा, 'हम पशुओं को उत्तर प्रदेश और बिहार से खरीदते हैं और बांग्लादेश को निर्यात करते हैं। इस बैन से किसानों पर बुरी मार पड़ने वाली है।'
ममता बनर्जी ने केंद्र सरकार के वध के लिए गोवंश बिक्री पर बैन संबंधित फैसले का विरोध करते हुए कहा, 'न तो हम इसे स्वीकार करने वाले हैं और न ही हम इसके लिए बाध्य हैं। यह असंवैधानिक है। यह ऐसी सरकार है जो गाय के लिए आधार कार्ड चाहती है। क्या खाना है क्या नहीं, यह सरकार निर्धारित नहीं करेगी...हम इसके खिलाफ कानूनी लड़ाई लड़ेंगे।'

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत और जर्मनी के आर्थिक संबंधों में बड़ी छलांग की पैरवी की है. उन्होंने जर्मनी की चांसलर एंजेला मर्केल के साथ बैठक के बाद संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में यह बात कही. इससे पहले दोनों नेताओं ने व्यापार, कौशल विकास, साइबर सुरक्षा और आतंकवाद जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की.

संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में मोदी ने कहा, 'हमारे रिश्तों के विकास की गति तेज है. दिशा सकारात्मक और मंजिल स्पष्ट है. जर्मनी भारत को हमेशा एक शक्तिशाली, तैयार और सक्षम साझेदार के रूप में पाएगा.'

उन्होंने कहा, 'हम भारत-जर्मनी के संबंधों में परिणाम लाने वाली गति और खासकर आर्थिक संबंधों में बड़े उछाल की तरफ देख रहे हैं. आज हमारे बीच व्यापक चर्चा हुई. भारत-जर्मनी साझेदारी से हमारे साथ ही अन्य देशों को भी मदद मिलेगी.'

इस दौरान मर्केल ने कहा कि भारत एक भरोसेमंद साझेदार साबित हुआ है. दोनों पक्ष सहयोग गहरा बनाने में सक्षम हुए हैं.
मोबाइल नंबर को आधार कार्ड से लिंक करवाना जरूरी होगा, वरना नंबर बंद कर दिया जाएगा. टेलीकॉम ऑपरेटर एयरटेल और आइडिया ने अपने कस्टमर्स को इस बारे में मैसेज भेजने शुरू कर दिए हैं. बता दें कि दो महीने पहले टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया (ट्राई) नए सिम कार्ड के लिए आधार कार्ड जरूरी कर चुकी है.

मार्च में दूरसंचार विभाग (DoT) ने मोबाइल सर्विस प्रोवाइडर्स को पोस्टपेड व प्रीपेड कस्टमर्स की e-KYC का वेरिफिकेशन पूरा करने का आदेश दिया था. सरकार ने इसके लिए 6 फरवरी, 2018 तक की डेडलाइन दी है.

हालांकि, यह साफ नहीं है कि तय तारीख के बाद अन्वेरिफाइड नंबर्स बंद कर दिए जाएंगे या नहीं. लेकिन, एयरटेल के रिटेल स्टोर्स पर कस्टमर्स के लिए ऐड लगाए गए हैं, जिन पर लिखा है, "एक्टिव रहने के लिए अपने नंबर से आधार कार्ड लिंक करवाएं."

बता दें कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश में मोबाइल सर्विस प्रोवाइडर को यह चरण पूरा करने को कहा गया था. इसे लागू करने के लिए फरवरी में डिपार्टमेंट ऑफ टेलीकॉम ने UIDAI, ट्राई ने प्रधानमंत्री कार्यालय के साथ मीटिंग की थी.
अगर आपके मोबाइल पर भी आधार कार्ड लिंक करवाने का मैसेज आता है तो ये स्टेप फॉलो करें...

- ऑपरेटर द्वारा एसएमएस मिलते ही अपना आधार कार्ड लेकर नजदीकी रिटेल स्टोर जाएं.
- स्टोर में मौजूद एग्जीक्यूटिव या डेस्क पर अपना मोबाइल नंबर और आधार कार्ड डिटेल दें.
- स्टोर एग्जीक्यूटिव आपके मोबाइल पर एक वेरिफिकेशन कोड भेजेगा. जिसे एग्जीक्यूटिव को बताकर कन्फर्म करना होगा.
- इसके बाद आपका फिंगरफ्रिंट वेरिफिकेशन करवाया जाएगा.
- 24 घंटे के अंदर आपके मोबाइल पर फाइनल वेरिफिकेशन कोड आएगा. आपको इस मैसेज का जवाब Yes (Y) में देना होगा.
- आपका मोबाइल नंबर अब आधार कार्ड से लिंक हो चुका है.
ये तीसरा मौका है जब आईसीसी की बेहद प्रतिष्ठित टूर्नामेंट चैंपियस ट्रॉफी का आयोजन इंग्लैंड में हो रहा है. अगर भारत के लिए पिछली बार यानी 2013 का टूर्नामेंट सबसे यादगार रहा है तो पहली बार इंग्लैंड में इस टूर्नामेंट का आयोजन कैरेबियाई क्रिकेट के लिए एक सुनहरी याद भी है.

वेस्ट इंडीज़ बिन सब सूना....
1975 और 1979 में दो लगातार वर्ल्ड कप जीतने के बाद वेस्टइंडीज़ की पराक्रमी टीम 1983 में वर्ल्ड कप के फाइनल में भी पहुंची. लेकिन, एक बार इंग्लैंड में वो फाइनल क्या हारे वन-डे क्रिकेट से धीरे-धीरे इस टीम की हस्ती ही घटती चली गई.

2004 में ब्रायन लारा की टीम ने किया था चमत्कार!


लेकिन 2004 में ब्रायन लारा की कप्तानी में वेस्टइंडीज़ की टीम ने चमत्कारिक अंदाज़ में फाइनल में इंग्लैंड को हराकर ट्रॉफी जीती थी. लगभग मैच में रोमांच वैसा ही था जैसा कि 2013 के फाइनल में भारत और मेज़बान इंग्लैंड के बीच देखने को मिला था. जीत के लिए 218 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए वेस्टइंडीज़ ने 147 रन पर आंठवा विकेट शिवनारायण चन्द्रपॉल के तौर पर खोया तो ऐसा लगा कि वेस्टइंडीज़ की हार तय हो गई. लेकिन, इसके बाद कोर्टनी ब्राउन और इयन ब्रैडशॉ ने असाधारण साझेदारी करते हुए मेज़बान को छकाया. इस जीत के बाद ऐसा लगा वेस्टइंडीज़ क्रिकेट का फिर से उदय हो गया.

उतार-चढ़ाव बन गया है कैरेबियाई क्रिकेट की नई पहचान
पिछले दो दशक में तमाम उतार-चढ़ाव के बावजूद वेस्टइंडीज़ की टीम अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में लगातार अपनी खोयी साख को हासिल करने की कोशिश में जुटी रही. टेस्ट क्रिकेट में भले ही वेस्टइंडीज़ का संघर्ष ख़त्म नहीं होता दिख रहा है लेकिन दो बार टी20 वर्ल्ड कप में चैंपियन बनकर कैरेबियाई टीम ने ये दिखाया कि छोटे फॉर्मेट में ये अब भी अच्छी टीम है.

6 महीने पहले वेस्टइंडीज़ से छूटी चैंपियंस ट्रॉफी की बस!
बहरहाल, वन-डे क्रिकेट में इस टीम के खेल में गिरावट का सिलसिला बरकरार है. आईसीसी के नए नियमों के मुताबिक सिर्फ दुनिया की टॉप 8 टीमें ही चैंपियंस ट्रॉफी में शिरकत कर सकती हैं और इसके चलते 9वें पायदान पर चलने वाली कैरेबियाई टीम के लिए इस टूर्नामेंट में खेलने का रास्ता 6 महीने पहले ही ख़त्म हो गया था.

मेज़बान इंग्लैंड को खलेगी कैरेबियाई टीम की कमी...
लेकिन, वेस्टइंडीज़ के बगैर पहली बार आईसीसी एक ऐसे टूर्नामेंट का आयोजन करने जा रही है. ख़ासकर, इंग्लैंड में जहां पर कैरेबियाई मूल के काफी लोग क्रिकेट को उतना ही प्यार करते हैं और अतीत के गौरव को तलाशने की कोशिश भी करते हैं. लेकिन, वेस्टइंडीज़ के बगैर चैंपिंयस ट्रॉफी थोड़ी फीकी होगी. ना तो आपको चैंपियंस डांस देखने को मिलेगा और ना ही बिंदास और दिलदार खिलाड़ी.

ब्राज़ील के बगैर फुटबॉल कैसा, वेस्टइंडीज़ के बगैर क्रिकेट भी फीका..
जिस तरह से भारत के क्रिकेटर इस खेल को एक अलग रंग देते हैं, पाकिस्तान जुझारु छवि पेश करता है, इंग्लैंड संस्कृति की झलक देता है, ऑस्ट्रेलिया जीतने की आदत को दर्शाता है तो वेस्टइंडीज़ का नज़रिया ये दिखाता है कि ये खेल है और खेल सिर्फ मस्त होकर ही खेला जाता है.

कैरिबियाई संगीत और नाच के बगैर वाकई इंग्लैंड में चैंपियंस ट्रॉफी का मज़ा आधा होगा. ये तो कुछ ऐसा ही है कि दुनिया के किसी हिस्से में एक बहुत बड़े फुटबॉल टूर्नामेंट का आयोजन हो रहा हो और उसमें ब्राज़ील की ना तो कोई टीम हो और ना ही इसका कोई खिलाड़ी. ये ठीक है कि ब्राज़ील की टीम की हैसियत फुटबॉल में इतनी कमज़ोर नहीं है जैसी हालत आज मौजूदा कैरेबियाई क्रिकेट की है. लेकिन, ऐतिहासिक लहज़े में क्रिकेट में वेस्टइंडीज़ टीम की अहमियत कुछ वैसी ही है.ये तीसरा मौका है जब आईसीसी की बेहद प्रतिष्ठित टूर्नामेंट चैंपियस ट्रॉफी का आयोजन इंग्लैंड में हो रहा है. अगर भारत के लिए पिछली बार यानी 2013 का टूर्नामेंट सबसे यादगार रहा है तो पहली बार इंग्लैंड में इस टूर्नामेंट का आयोजन कैरेबियाई क्रिकेट के लिए एक सुनहरी याद भी है.

वेस्ट इंडीज़ बिन सब सूना....
1975 और 1979 में दो लगातार वर्ल्ड कप जीतने के बाद वेस्टइंडीज़ की पराक्रमी टीम 1983 में वर्ल्ड कप के फाइनल में भी पहुंची. लेकिन, एक बार इंग्लैंड में वो फाइनल क्या हारे वन-डे क्रिकेट से धीरे-धीरे इस टीम की हस्ती ही घटती चली गई.

2004 में ब्रायन लारा की टीम ने किया था चमत्कार!


लेकिन 2004 में ब्रायन लारा की कप्तानी में वेस्टइंडीज़ की टीम ने चमत्कारिक अंदाज़ में फाइनल में इंग्लैंड को हराकर ट्रॉफी जीती थी. लगभग मैच में रोमांच वैसा ही था जैसा कि 2013 के फाइनल में भारत और मेज़बान इंग्लैंड के बीच देखने को मिला था. जीत के लिए 218 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए वेस्टइंडीज़ ने 147 रन पर आंठवा विकेट शिवनारायण चन्द्रपॉल के तौर पर खोया तो ऐसा लगा कि वेस्टइंडीज़ की हार तय हो गई. लेकिन, इसके बाद कोर्टनी ब्राउन और इयन ब्रैडशॉ ने असाधारण साझेदारी करते हुए मेज़बान को छकाया. इस जीत के बाद ऐसा लगा वेस्टइंडीज़ क्रिकेट का फिर से उदय हो गया.

उतार-चढ़ाव बन गया है कैरेबियाई क्रिकेट की नई पहचान
पिछले दो दशक में तमाम उतार-चढ़ाव के बावजूद वेस्टइंडीज़ की टीम अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में लगातार अपनी खोयी साख को हासिल करने की कोशिश में जुटी रही. टेस्ट क्रिकेट में भले ही वेस्टइंडीज़ का संघर्ष ख़त्म नहीं होता दिख रहा है लेकिन दो बार टी20 वर्ल्ड कप में चैंपियन बनकर कैरेबियाई टीम ने ये दिखाया कि छोटे फॉर्मेट में ये अब भी अच्छी टीम है.

6 महीने पहले वेस्टइंडीज़ से छूटी चैंपियंस ट्रॉफी की बस!
बहरहाल, वन-डे क्रिकेट में इस टीम के खेल में गिरावट का सिलसिला बरकरार है. आईसीसी के नए नियमों के मुताबिक सिर्फ दुनिया की टॉप 8 टीमें ही चैंपियंस ट्रॉफी में शिरकत कर सकती हैं और इसके चलते 9वें पायदान पर चलने वाली कैरेबियाई टीम के लिए इस टूर्नामेंट में खेलने का रास्ता 6 महीने पहले ही ख़त्म हो गया था.

मेज़बान इंग्लैंड को खलेगी कैरेबियाई टीम की कमी...
लेकिन, वेस्टइंडीज़ के बगैर पहली बार आईसीसी एक ऐसे टूर्नामेंट का आयोजन करने जा रही है. ख़ासकर, इंग्लैंड में जहां पर कैरेबियाई मूल के काफी लोग क्रिकेट को उतना ही प्यार करते हैं और अतीत के गौरव को तलाशने की कोशिश भी करते हैं. लेकिन, वेस्टइंडीज़ के बगैर चैंपिंयस ट्रॉफी थोड़ी फीकी होगी. ना तो आपको चैंपियंस डांस देखने को मिलेगा और ना ही बिंदास और दिलदार खिलाड़ी.

ब्राज़ील के बगैर फुटबॉल कैसा, वेस्टइंडीज़ के बगैर क्रिकेट भी फीका..
जिस तरह से भारत के क्रिकेटर इस खेल को एक अलग रंग देते हैं, पाकिस्तान जुझारु छवि पेश करता है, इंग्लैंड संस्कृति की झलक देता है, ऑस्ट्रेलिया जीतने की आदत को दर्शाता है तो वेस्टइंडीज़ का नज़रिया ये दिखाता है कि ये खेल है और खेल सिर्फ मस्त होकर ही खेला जाता है.

कैरिबियाई संगीत और नाच के बगैर वाकई इंग्लैंड में चैंपियंस ट्रॉफी का मज़ा आधा होगा. ये तो कुछ ऐसा ही है कि दुनिया के किसी हिस्से में एक बहुत बड़े फुटबॉल टूर्नामेंट का आयोजन हो रहा हो और उसमें ब्राज़ील की ना तो कोई टीम हो और ना ही इसका कोई खिलाड़ी. ये ठीक है कि ब्राज़ील की टीम की हैसियत फुटबॉल में इतनी कमज़ोर नहीं है जैसी हालत आज मौजूदा कैरेबियाई क्रिकेट की है. लेकिन, ऐतिहासिक लहज़े में क्रिकेट में वेस्टइंडीज़ टीम की अहमियत कुछ वैसी ही है.
लंदन: सीनियर बल्लेबाज युवराज सिंह चैम्पियंस ट्रॉफी से पहले न्यूजीलैंड के खिलाफ रविवार को पहला अभ्यास मैच नहीं खेल सकेंगे चूंकि वह बुखार की चपेट में हैं. युवराज ने पहले दो अभ्यास सत्र में भी भाग नहीं लेंगे. बीसीसीआई ने हालांकि कहा कि वह तेजी से ठीक हो रहे हैं. विज्ञप्ति के अनुसार, बीसीसीआई की मेडिकल टीम ने इसकी पुष्टि की है कि भारतीय हरफनमौला युवराज सिंह तेजी से ठीक हो रहे हैं. ज्यादा चिंता की कोई बात नहीं है. उन्हें आराम की सलाह दी गई है और वह रविवार को न्यूजीलैंड के खिलाफ पहला अभ्यास मैच नहीं खेल सकेंगे.
गत चैम्पियन भारत यहां चैम्पियंस ट्रॉफी से पूर्व अपने पहले अभ्यास मैच में रविवार को न्यूजीलैंड का सामना करेगा. इंडियन प्रीमियर लीग में छह हफ्ते खेलने के बाद दो अभ्यास मैचों से टीम इंडिया को 50 ओवर के प्रारूप से सामंजस्य बैठाने में मदद मिलेगी और टूर्नामेंट से पहले टीम स्थायी संयोजन तैयार करना चाहेगी. भारत ने अपना पिछला वनडे अंतरराष्ट्रीय मैच इंग्लैंड के खिलाफ जनवरी में खेला था. मैच को आधिकारिक दर्जा हासिल नहीं है इसलिए टीम के सभी 15 सदस्यों को खेलने का मौका मिलेगा. सभी की नजरें अश्विन पर लगी हैं जो दो महीने के ब्रेक के बाद वापसी कर रहे हैं क्योंकि बीसीसीआई चाहता था कि घरेलू सत्र में सभी 13 टेस्ट खेलने के बाद थकान से उबरने के लिए वह आईपीएल में नहीं खेले. अभ्यास मैच अश्विन को मैच अभ्यास का पर्याप्त मौका देगा क्योंकि अगर टीम प्रबंधन अंतिम एकादश में सिर्फ एक विशेषज्ञ स्पिनर के साथ उतरने का फैसला करता है तो उन्हें अंतिम एकादश में रविंद्र जडेजा से चुनौती मिल सकती है. अश्विन को इस मैच के जरिए ओवल की सपाट पिच पर केन विलियमसन, मार्टिन गुप्टिल और टाम लैथम जैसे खिलाड़ियों के खिलाफ अपने कौशल को परखने का मौका मिलेगा.