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मसूरीमसूरी आज तक ब्यूरो।  भारतीय जन नाट्य संघ इप्टा ने बुधवार को शहीदे आजम भगत सिंह के 110वे जन्म दिवस पर कार्यक्रम आयोजित किया, इप्टा से जुड़े रंगकर्मियों ने देशभक्ति व जनगीत गाकर शहीदे आजम को याद किया, वहीँ शहर के विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों ने भी पुष्प अर्पित कर उनको श्रद्धासुमन अर्पित किए।। इस अवसर पर इप्टा द्वारा शहीद भगत सिंह सम्मान समारोह का आयोजन भी किया गया।



बुधवार को भारतीय जन नाट्य संघ द्वारा भगत सिंह चौक पर शहीदे आजम की प्रतिमा पर पुष्पांजली अर्पित करने के साथ ही जनगीत गाकर उन्हें याद किया गया, तत्पश्चात् पालिका सभागार में भगत सिंह सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। जौनपुर के स्व. सरदार सिंह को उनकी सराहनीय समाजसेवा के लिए मरणोपरांत सम्मानित किया गया। उनके पुत्र डॉ. बीरेंद्र रावत ने सम्मान ग्रहण किया। वहीँ कामरेड ओम प्रकाश चौधरीपालिका सभासद जसबीर कौरपूर्व सभासद अनीता सक्सेना और नशे के खिलाफ आमजन को जागरूक करने वाले प्रीत कोहली उत्कृष्ट सेवाओं के लिए सम्मानित किया गया। मुख्य अतिथि नगर पालिका अध्यक्ष मनमोहन सिंह मल्ल व पूर्व विधायक जोत सिंह गुनसोला ने सभी को प्रतीक चिन्ह और शॉल देकर सम्मानित किया।


इस अवसर पर कार्यक्रम के मुख्य वक्ता जय प्रकाश उत्तराखण्डी ने कहा कि आज का दिन एक महान दिन हैजो हमें हमेशा आजादी की कीमत याद दिलाता है। आज हम सभी शहीदों के जज्बे को सलाम करते हुए नतमस्तक होते हैं। भगत सिंह की मूर्ति हमेशा अहसास दिलाती है, कि इन्हीं जैसे क्रांतिकारियों के कारण हम आजादी की सांस ले रहे। उन्होंने कहा कि नौजवानों के दिलों में आजादी का जुनून भरने वाले भगत सिंह का नाम इतिहास के पन्नों में हमेशा अमर रहेगा। देश की आजादी के लिए उन्होंने जिस साहस के साथ शक्तिशाली ब्रिटिश हुकूमत से लोहा लियावह आज के युवकों के लिए बहुत बडे आदर्श है।
इप्टा के महासचिव सतीश कुमार और सदस्य देवी गोदियाल ने कहा कि जलियांवाला बाग हत्याकांड का भगत सिंह की सोच पर ऐसा असर पड़ा, कि उन्होंने लाहौर के नेशनल कॉलेज की पढ़ाई छोड़कर भारत की आजादी के लिए नौजवान भारत सभा की स्थापना कर डाली। आजादी के इस मतवाले ने पहले लाहौर में सांडर्स-हत्या और उसके बाद दिल्ली की सेंट्रल असेंबली में चंद्रशेखर आजाद और पार्टी के अन्य सदस्यों के साथ बम विस्फोट कर ब्रिटिश साम्राज्य की नींव हिलाकर रख दी थी। वह आज भी नौजवानों के लिए बहुत बडे आदर्श है।

इस अवसर पर पूर्व पालिकाध्यक्ष ओपी उनियाल, पालिका सभासद बीना पंवार, शशि रावत, रामी देवी, वीरेंद्र पंवार, अरविन्द, कैंट उपाध्यक्ष महेशचंद, सभासद सुशील अग्रवाल, पुष्पा पडियार, चंद्रकला सयाना, दीपक कुमार, सुधीर डोभाल, भरोसी रावत, नंदलाल सोनकर,  सहित बड़ी संख्या में शहर के गणमान्य लोग मौजूद रहे  


पथ सञ्चलन यात्रा का स्वागत करती संघ से जुडी महिलाए

मसूरी, मसूरी आज तक ब्यूरो।.विजयी दशमी पर्व के अवसर पर राष्ट्रीय स्वंय सेवक संघ ने टिहरी बस स्टैंड से गाँधी चौक तक पथ संचलन यात्रा का आयोजन किया, जिसमें बडी संख्या में राष्ट्रीय स्वयं सेवकों ने भाग लिया।

बुधवार को पथ संचलन यात्रा पुराने टिहरी बस स्टैंड से पिक्चर पैलेस, माल रोड होते हुये गाँधी चौक पहुंची, जहा पर पद यात्रा सभा में तब्दील हुई। इस अवसर पर संघ के पदाधिकारियों ने घ्वजारोहण कर विधिवत हथियारों का पूजन किया। पिक्चर पैलेस चौक पर पथ संचलन यात्रा का महिलाओं ने  पुष्प वर्षा कर स्वागत किया।

गाँधी चौक पर सभा को संम्बोधित करते हुये संघ के पदाधिकारियो ने बताया कि 27 सितम्बर 1925 में संघ की स्थापना हुयी। इस दौरान संघ के सेवकों ने समाज को जागरूक करने का काम किया और राष्ट्र\ व देशहित के प्रति देश सेवा का संदेश दिया। वक्ताओं ने कहा कि विजयी दशमी के पर्व पर देश और राज्यों के प्रत्येक खंड में इस प्रकार की पथ संचलन यात्रा का आयोजन हर साल किया जाता है।

इस मौके पर पूर्व पालिकाध्यक्ष ओपी अनियाल, सरस्वती शिशु विद्या मन्दिर के प्रधानाचार्य मनोज रयाल, सुमन नौटियाल, रमेश जयसवाल, अंकुश नौटियाल, आरडी गुप्ता, दीपक पंवार, बादल प्रकाश, विजय रमोला, मोहन  पेटवाल, कुशाल राणा, धनेंद्र पुंडीर, रमेश खंडूरी, नागेन्द्र डिमरी, रूपचन्द शर्मा, मीरा कैंतुरा सकलानी, शशि रावत, अनिता सक्सेना, पुश्पा पडियार, सुमन पंवार, चन्द्रकला सयाना, धर्मपाल पंवार, त्रिलोक राणा, मनीष कुकसाल, अमित भट्ट, कपिल मलिक, मनोज रेंग्वाल, आशीष जोशी  सहित बडी संख्या में संघ के स्वयं सेवक शामिल रहे।

पुलिस की गिरफ्त में आरोपी शिक्षक 

मसूरी, मसूरी आज तक ब्यूरो। एस जी आर आर इंटर कालेज नैनबाग की छात्रा से दुष्कर्म करने के आरोपी शिक्षक को कैम्पटी पुलिस ने गिरफ्तार कर द्वारा न्यायलय में पेश किया, जहां न्यायलय ने आरोपी शिक्षक को 14 दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया है व कोर्ट में 164 के तहत छात्रा के बयान दर्ज करवाये गये।

बता दें छात्रा के परिजनों ने पुलिस में तहरीर दी थी, कि उनकी 15 वर्षीय बेटी जो कि नैनबाग टिहरी गढ़वाल में कक्षा 10 में पढ़ती है। यहां विज्ञान के अध्यापक प्रवेश कुमार उनकी बेटी के साथ समय-समय पर दुराचार करता रहा। उन्हें इस बात का पता तब लगा जब छात्रा
के पेट में दर्द हुआ। उसके बाद छात्रा के परिजन उसे हरबर्टपुर मसीही अस्पताल में ले गये. जहां पर चिकित्सकों ने बताया कि छात्रा आठ माह की गर्भवती है. यह सुन उनके पैरों तले से जमीन खिसक गयी। जिसके बाद छात्रा से पूछने पर उसने शिक्षक द्वारा उसके साथ समय-समय पर किये गए दुराचार की पूरी घटना को बयाँ कर दिया। पीड़ित छात्रा के अनुसार आरोपी शिक्षक उसे रोककर स्कूल के एक कमरे में ले जाता था और उससे कमरे की साफ-सफाई करने के लिए कहता था। कार्य पूरा होने के बाद उसे खाने-पीने की चीजों में नशीला पदार्थ खिलाकर उसके साथ दुराचार करता था। छात्रा ने बताया कि आरोपी कभी स्कूल में तो कभी स्कूल से कुछ दूरी पर स्थित एक कमरे में उसके साथ दुराचार करता था।

वहीँ आरोपी शिक्षक ने खुद पर लगाए गये सभी आरोपों को बेबुनियाद बताया। उसका कहना है कि उसने छात्रा से कोई दुराचार नहीं किया। उसको झूठे मामले में फंसाने की साजिश की जा रही है। 

कैम्पटी थाना इंचार्ज मनोज नेगी ने बताया कि आरोपी को टिहरी जनपद के नैनबाग क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया। पीड़िता से होने वाले बच्चे का डीएनए टेस्ट करवाया जायेगा, जिससे पीड़िता के आरोपों को साबित किया जा सके।

वहीं, सरकारी एडवोकेट का कहना है कि आरोपी को पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है, और पुलिस द्वारा पीडिता के बयान दर्ज कर विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।

वहीँ एडवोकेट बीना सजवाण ने कहा कि हम लड़की की तरफ से पूरी पैरवी करेंगे और आरोपी को उसकी सजा दिलवाने का प्रयास किया जायेगा। 


मूल रूप से टिहरी के रहने वाले छात्रा के परिजनों ने तहरीर में बताया कि उनकी 15 वर्षीय बेटी नैनबाग टिहरी गढ़वाल में कक्षा 10 में पढ़ती है। यहां विज्ञान के अध्यापक प्रवेश कुमार उनकी बेटी को बहला-फुसलाकर नशीला पदार्थ खिलाकर उसके साथ समय-समय पर दुराचार करता था। जब छात्रा की तबीयत खराब हुई तो उसे लेकर परिजन देहरादून अस्पताल पहुंचे, जहां पता चला कि उनकी बेटी प्रेग्नेंट है। छात्रा से सवाल पूछने पर उसने शिक्षक की सारी पोल खोल दी। 

पीड़ित छात्रा ने बताया कि आरोपी शिक्षक उसे रोककर स्कूल के एक कमरे में ले जाता था और उससे कमरे की साफ-सफाई करने के लिए कहता था। कार्य पूरा होने के बाद उसे खाने-पीने की चीजों में नशीला पदार्थ खिलाकर उसके साथ दुराचार करता था।

छात्रा ने बताया कि वो उसे धमकी देता था कि अगर वह इस बारे में अपने माता-पिता या अन्य किसी व्यक्ति को बतायेगी तो वह उसे जान से मार देगा और उसके माता-पिता को भी मार देगा। छात्रा ने बताया कि आरोपी कभी स्कूल में तो कभी स्कूल से कुछ दूरी पर स्थित एक कमरे में उसके साथ दुराचार करता था।

इस मामले में कैम्पटी थाना प्रभारी मनोज नेगी ने बताया कि मामला गंभीर है जिसे देखते हुये छात्रा के परिजनों की तहरीर पर आरोपी शिक्षक के खिलाफ आईपीसी की धाराओं और पोक्सो के तहत मुकदमा दर्ज कर दिया गया है। आरोपी की गिरफ्तारी के लिये कार्रवाई शुरू कर दी गई है। स्कूल जाकर भी अन्य छात्रों से पूछताछ की जाएगी, जिससे यह पता लगाया जा सके कि शिक्षक कहीं दूसरी छात्राओं के साथ तो ऐसी हरकत नहीं करता था।

लगातार गिरती जीडीपी और चरमरा रही अर्थव्यवस्था के कारण मोदी सरकार की मुश्किलें बढ़ रही हैं. बीजेपी के दिग्गज नेता और अटल बिहारी वाजपेयी सरकार में मंत्री रहे यशवंत सिन्हा ने वित्त मंत्री अरुण जेटली पर निशाना साधा है. यशवंत सिन्हा ने नोटबंदी के फैसले पर भी सरकार को आड़े हाथों लिया, उन्होंने कहा कि नोटबंदी ने गिरती जीडीपी में आग में तेल डालने की तरह काम किया.
यशवंत सिन्हा ने तंज कसते हुए कहा कि पीएम मोदी कहते हैं कि उन्होंने गरीबी को काफी करीबी से देखा है. ऐसा लगता है कि उनके वित्तमंत्री इस तरह का काम कर रहे हैं कि वह सभी भारतीयों को गरीबी काफी पास से दिखाएं.
एक अंग्रेजी अखबार में प्रकाशित लेख में यशवंत सिन्हा ने कहा कि आज के समय में ना ही नौकरी मिल रही है और ना विकास तेज हो रहा है. इनवेस्टमेंट घट रही है और जीडीपी भी घट रही है. जीएसटी को ठीक तरीके से लागू नहीं किया गया, जिसके कारण नौकरी और बिजनेस पर काफी फर्क पड़ा है.
जेटली पर वार करते हुए उन्होंने लिखा कि इस सरकार में वह अभी तक सबसे बड़ा चेहरा रहे हैं. कैबिनेट का नाम तय होने से पहले ही यह तय माना जा रहा था कि जेटली ही वित्त मंत्री बनेंगे. अपनी लोकसभा सीट हारने के बाद भी उन्हें मंत्री बनने से कोई नहीं रोक सका.
सिन्हा ने लिखा कि इससे पहले वाजपेयी सरकार में जसवंत सिंह और प्रमोद महाजन को भी वाजपेयी करीबी होने के बावजूद मंत्री नहीं बनाया गया था. लेकिन जेटली को वित्त मंत्रालय के साथ ही रक्षा मंत्रालय भी मिला. उन्होंने लिखा कि मैंने वित्त मंत्रालय संभाला है मुझे पता है ये आसान काम नहीं है. यह एक 24 घंटे का काम है जिसे जेटली जैसे सुपरमैन भी पूरा नहीं कर सकते हैं.
सिन्हा ने कहा कि जीडीपी अभी 5.7 है, सभी को याद रखना चाहिए कि सरकार ने 2015 में जीडीपी तय करने के तरीके को बदला था. अगर पुराने नियमों के हिसाब से देखें तो आज के समय में 3.7 जीडीपी होती.

एनआईटी सुमाड़ी, श्रीनगर को लेकर किसी भी तरह की अटकलों और संदेहों को ख़ारिज करते हुए मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने साफ़ कर दिय है कि एनआईडी अपने पूर्व निर्धारित स्थल पर ही बनाया जाएगा.

मंगलवार को नई दिल्ली में संबंधित केंद्रीय मंत्री से मुलाकात के बाद मुख्यमंत्री ने यह बात कही. इसके अलावा उन्होंने यह भी बताया कि उत्तराखण्ड में सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ प्लास्टिक इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी अगले साल से पाठ्यक्रमों का संचालन शुरू करेगा.

दरअसल पिछले कुछ समय से एनआईटी को स्थानांतरित किए जाने को लेकर एक तरह का विवाद खड़ा किया जा रहा है. अब तक एनआईटी श्रीनगर में एक किराए की बिल्डिंग में संचालित हो रहा है. यहां सुविधाओं की कमी की वजह से छात्र-छात्राएं परेशान हैं.

बीते महीने एनआईटी को पहाड़ से मैदान में शिफ़्ट करने को लेकर एनआईटी कैंपस के विद्यार्थियों ने कई दिन तक धरना दिया था. हालांकि तब भी राज्य सरकार ने श्रीनगर से एनआईटी को शिफ़्ट करने की मांग को नकार दिया था और कहा था कि सुमाड़ी में स्थायी कैंपस के निर्माण की प्रक्रिया जल्द ही शुरू की जाएगी.
मुख्यमंत्री ने मंगलवार को नई दिल्ली में केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर से मुलाकात कर श्रीनगर एनआईटी और नए केंद्रीय विद्यालयों के विषय में चर्चा की.

मुलाकात के बाद मीडिया से अनौपचारिक वार्ता के दौरान मुख्यमंत्री ने बताया कि उत्तराखण्ड में एनआईटी श्रीनगर पूर्व निर्धारित स्थल पर ही बनाया जाएगा. एनआईटी के प्रदेश से बाहर स्थानांतरित होने की कोई वजह नहीं है और राज्य सरकार एनआईटी संचालन और निर्माण में पूर्ण सहयोग प्रदान करेगी.

मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में नए केंद्रीय विद्यालय खोलने पर भी केंद्रीय मंत्री ने सकारात्मक रुख दिखाया है.

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत मंगलवार को हरिद्वार पहुंचे और संत समाज से मुलाकात की. सरकार ने 18 तारीख से लापता महंत मोहन दास को ढूंढने की ज़िम्मेदारी एसआईटी को दे दी है.

दरअसल संत समाज पिछले 10 दिन से आंदोलित और आक्रोशित है. अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के प्रवक्ता और उदासी अखाड़ा के महंत मोहन दास को ढूंढने की  पुलिस, प्रशासन की तमाम कोशिशें नाकाम साबित हो रही हैं.

बीती 18 तारीख को महंत मोहनदास हरिद्वार से कल्याण (मुम्बई) की यात्रा के दौरान रास्ते में लापता हो गए. उनके मोबाइल की अंतिम लोकेशन मेरठ में मिली लेकिन उनका कोई पता नहीं चल पाया है.

हरिद्वार में  अखाड़ा परिषद और संत समाज लगातार ही महंत को ढूंढने की मांग कर रहा है. पहले कैबिनेट मंत्री और हरिद्वार से विधायक मदन कौशिक संतों और पुलिस के संपर्क में रहे और मामले को सुलझाने की कोशिशें करते रहे. लेकिन संतों का आक्रोश बढ़ता गया और बीते शुक्रवार को उन्होंने सड़क पर उतरने का ऐलान कर दिया. इसके बाद राज्य के धर्मस्व मंत्री सतपाल महाराज शुक्रवार सुबह ही संतों से मुलाकात करने पहुंच गए थे.
लेकिन शुक्रवार शाम को संतो ने हर की पौड़ी स्थित सुभाष घाट पहुंचकर पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल खड़े किए.

चार दिन बाद भी महंत मोहनदास का कोई पता न लगने से गुस्साए संतों को मनाने और सरकार की कोशिशों के प्रति उनका विश्वास जीतने के लिए मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत मंगलवार को हरिद्वार पहुंच गए.

इससे पहले मंगलवार को ही शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक ने घोषणा की कि महंत मोहन दास की तलाश एसआईटी करेगी. हरिद्वार पुलिस की एसओजी के महंत की तलाश में नाकाम होने के बाद यह केस एसआईटी को सौंपने का फ़ैसला किया गया.

मंगलवार शाम सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत भी हरिद्वार पहुंच गए और बड़ा उदासीन अखाड़ा में संतो से वार्ता की. मुख्यमंत्री के साथ शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक, उच्च शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत और हरिद्वार के मेयर मनोज गर्ग भी मौजूद हैं.

 

भारत की महिला क्रिकेट टीम की कप्तान मिताली राज की कहानी को बायोपिक के ज़रिए बयां किया जाएगा. मिताली को आशा है कि इससे युवा महिलाओं को खेल को अपने करियर के तौर पर चुनने के लिए प्रेरित होंगी. 'वायकॉम-18 मोशन पिक्चर्स' ने इसकी घोषणा मंगलवार को की.

इस बायोपिक के अधिकार 'वायकॉम-18 मोशन पिक्चर्स' द्वारा हासिल किए गए हैं. इस स्टूडियो वे 'क्वीन', 'मांझी : द माउंटेन मैन', 'भाग मिल्खा भाग', 'मैरी कॉम' और 'टॉयलेट- एक प्रेम कथा' जैसी फिल्में बनाई हैं.

मिताली ने एक बयान में कहा, "मैं 'वायकॉम-18 मोशन पिक्चर्स' के साथ जुड़कर काफी खुश हूं. आशा है कि इस फिल्म से युवा महिलाओं को खेल को एक करियर के तौर पर चुनने की प्रेरणा मिलेगी." महिलाओं के अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में मिताली सबसे अधिक रन बनाने वाली खिलाड़ी हैं और एकमात्र ऐसी खिलाड़ी हैं. वह वनडे में 6,000 रन पूरे करने वाली एकमात्र खिलाड़ी हैं.

इसके अलावा, मिताली वनडे में लगातार सात अर्धशतक लगाने वाली पहली महिला खिलाड़ी हैं. वह पहली ऐसी खिलाड़ी भी हैं, जिनकी कप्तानी में राष्ट्रीय टीम दो बार (2005, 2017) में आईसीसी वनडे विश्व कप के फाइनल में पहुंची. मिताली को उनकी इन उपलब्धियों के लिए 2015 में भारत का चौथा उच्चतम नागरिक पुरस्कार पद्मश्री से सम्मानित किया जा चुका है.
'वायकॉम-18 मोशन पिक्चर्स' के सीओओ अजीत अंधारे ने कहा, "यह स्टूडियो हमेशा से ही सशक्त और मज़बूत महिला किरदारों की भूमिकाओं को दर्शाता रहा है, फिर चाहे वह 'क्वीन' हो, 'मैरी कॉम' हो या 'कहानी'."

'वायकॉम-18 मोशन पिक्चर्स' के साथ साझेदारी के लिए मिताली राज को मेडालिन स्पोर्ट्स के निदेशक वरुण चोपड़ा द्वारा पुरस्कृत किया गया है. चोपड़ा ने कहा, "मिताली इतने साल से लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत रही हैं और अब उनकी कहानी पीढ़ियों को प्रोत्साहित करेगी."

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार को अपने 67वें जन्मदिन के अवसर पर अपने गृह राज्य गुजरात पहुंचे. सबसे पहले वह गांधीनगर पहुंचे और अपनी मां हीराबेन से आशीर्वाद लिया. यहां प्रधानमंत्री से मिलने के लिए आस-पड़ोस के कई बच्चे भी पहुंचे.
पीएम मोदी पहले भी अपने जन्मदिन पर मां से मुलाकात करके आशीर्वाद लेते रहे हैं. आज भी जन्मदिन के अवसर पर उन्होंने यह परंपरा निभाई. अब वह सरदार सरोवर बांध देश को समर्पित करने के साथ यहां दो रैलियों को भी संबोधित करेंगे.
मोदी आज जन्मदिवस पर अपने पसंदीदा सरदार सरोवर बांध परियोजना और सरदार वल्लभ भाई पटेल की याद में बने 'स्टैच्यू ऑफ यूनिटी' का भी दौरा करेंगे. 182 मीटर ऊंची 'स्टैच्यू ऑफ यूनिटी' की पहल मोदी ने की थी और वह काफी समय से सरदार सरोवर बांध की ऊंचाई बढ़ाने के भी पक्ष में हैं. इस बांध की ऊंचाई हाल ही में बढ़ाकर 138.68 मीटर की गई है.
जल क्षमता बढ़ने से कई राज्यों को होगा फायदा
एक अधिकारिक विज्ञप्ति के मुताबिक बांध की ऊंचाई बढ़ने से प्रयोग करने वाली जल क्षमता 4.73 एकड़ फुट (एमएएफ) हो जाएगी, जिससे गुजरात , राजस्थान, मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र के लोगों को फायदा होगा. इस परियोजना से गुजरात के जल रहित क्षेत्रों में नर्मदा के पानी को नहर और पाइपलाइन नेटवर्क के जरिये पहुंचाने में मदद मिलेगी और सिंचाई सुविधा में विस्तार होगा, जिससे 10 लाख किसान लाभान्वित होंगे. साथ ही कई गावों में पीने का पानी पहुंचेगा और यह चार करोड़ लोगों को फायदा पहुंचाएगा.
परियोजना से प्रतिवर्ष पैदा होगी 100 करोड़ यूनिट बिजली
इस परियोजना को जल ट्रांसपोर्ट के सबसे बड़े मानव प्रयासों के रूप में देखा जा रहा है. इससे प्रतिवर्ष 100 करोड़ यूनिट जलबिजली पैदा होने की संभावना है. सरदार बांध का दौरा करने के बाद प्रधानमंत्री साधु बेट जाएंगे, जहां 'स्टैच्यू ऑफ यूनिटी' और इससे संबंधित सरदार वल्लभ भाई पटेल स्मारक परिसर का निर्माण किया जा रहा है. प्रधानमंत्री कार्यालय ने बताया कि पीएम मोदी को इस परियोजना के काम की प्रगति का संक्षिप्त विवरण भी दिया जाएगा. परियोजना के अंतर्गत 182 मीटर लंबी मूर्ति, एक प्रदर्शनी हॉल और एक आगंतुक केंद्र बनाया जाए रहा है.
नर्मदा महोत्सव में भी करेंगे शिरकत
प्रधानमंत्री मोदी नर्मदा महोत्सव के समापन समारोह में शामिल होंगे और दभोई में लोगों को संबोधित करेंगे. समारोह के दौरान वह राष्ट्रीय जनजाति स्वतंत्रता सेनानियों के लिए संग्रहालय की आधारशिला रखेंगे. मोदी बाद में अमरेली जाएंगे, जहां वह एपीएमसी के नए मार्केट यार्ड का उद्घाटन करेंगे. वह मधु उत्पादन केंद्र की आधारशिला और अमर डेयरी के नए प्लांट का उद्घाटन भी करेंगे. वह अमरेली में सहाकार सम्मेलन को भी संबोधित करेंगे.


अज़ाद खबर संवाददाता, मंजुल मंजरी ( बिहार )
( दहेज़रोधी विशेषज्ञ )

“मेरी प्यारी गुडिया रानी ...तुझे मैं एक सुन्दर राजकुमार सा दूल्हा लाकर दूंगा ...जो तुझे जीवन भर पलकों पर बिठा कर रखेगा ” ..प्रत्येक  बाप का अपनी बेटी के प्रति किया गया वादा ...जो उसे लालच देता है एक ऐसे सुखद भविष्य को जिसे वर्तमान में संजोये गए सपनों से खरीदा जाना है ...पिता चाहता है की उसकी बेटी की शादी एक ऐसे व्यक्ति से हो जो सफल हो समाज में और ऊँचे रसूख वाला भी हो ...एक पिता की अपनी बेटी के प्रति यह सोच गलत भी नही है ...मगर उसे पता है की बिटिया के लिए ऐसे सुन्दर राजकुमार को ज़िन्दगी में लाने के लिए एक भारी कीमत अदा करनी होगी ...जिसे दहेज़ कहा  जाता है ....
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पिता का यही भावुक लालच वर पक्ष में जाकर पैसे के लालच में तब्दील हो जाता है ...वर का पिता बेटी का पिता का सपना पूरा करने के लिए एक मोती रकम की मांग करता है ..यदि बेटी का पिता सक्षम है तब तो मांग से ज्यादा अदायगी कर दी जाती  है ..लेकिन आर्थिक रूप से कमजोर पिता अपने बेटी का नया घर सजाने में उसके पुराने घर (मायके ) तक को गिरवी रख देता है ...और एक ऐसा कर्ज़दार बन जाता है ..जिसे चुकाने में उसकी बूढी हड्डियाँ चटक जाती हैं ...फिर भी वर पक्ष की मांग खत्म नही होती ...एक सफल दामाद की चाहत में बेटी का पिता इस दहेज़ रूपी कर्मकांड का मुख्य वाहक बन जाता है ...
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सब जानते हैं की दहेज़ एक कानूनी अपराध है साथ में समाज का गन्दी कुरीति भी ..मगर इसे ख़त्म करने की पहल कोई नही करना चाहता ..क्योंकि लालच सबके अन्दर है ..बेटी के पिता को एक अच्छे वर की और बेटे के पिता को अच्छी रकम की ...दोनों ही समान रूप से इसके अपराधी भी हैं और भुक्तभोगी भी ...आईएस ,डॉक्टर ,इंजिनियर और सरकारी नौकरी में कार्यरत दुल्हों का शादी का रेट क्या है ..ये सभी लोगों को पता है ..यानी हम सब इस वर मंदी के खरीददार भी हैं ..और दुकानदार भी ...
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क्या इस दहेज़ रूपी कुरीति से बेटी का बाप कभी बाहर आ सकता है ...हाँ क्यों ..आ सकता है ..यदि हम अपनी बेटियों को ही आत्मनिर्भर बना दे ..तब ..उन्हें खुद अपनी जीवनसाथी को चुनने में उनकी सहमती देने का अधिकार प्रदान करें ...एक राजकुमार पाने के ख्वाब दिखाने के बजाय उसे शिक्षित कर वास्तविक रूप में आर्थिक आत्मनिर्भर बनाये तब ...हम क्यों नही बेटियों को उसकी शादी के बजाय उसके करियर को तरजीह देते हैं ..आखिर क्यों एक लड़का ही अपनी पत्नी का भरण-पोषण करने के लिए दवाब में रहे ...आप अपनी बेटियों को इतना सशक्त क्यों नही बनाते की कल बेटे का पिता अपने बेटे को यह ख्वाब दिकाए की तुम्हारे लिए एक सफल पत्नी लाकर दूंगा ..जो तुम्हारा हर कदम पर साथ निभाएगी ...आप अपनी लालच को बेटी के सफल करियर के लाच में क्यों तब्दील नही करते ...यदि आपकी बिटिया कमाने और घर चलाने में खुद ही सक्षम होगी ..तो क्या ज़रूरत पड़ेगी महंगा वर खरीदने की ...
.................................................................................याद रखें :-बेटियों को नाज़ुक राजकुमारी न बनाकर पालें ..उन्हें मौक़ा दें एक सफल युवती बनने में ...और सफलता पाने के बाद किसी राजकुमार की नही उसे एक अच्छे जीवनसाथी की जरूरत पड़ेगी ..जो दहेज़ के बगैर भी संभव है ...

गुरुग्राम के रायन इंटरनेशनल स्कूल में 7 साल के स्टूडेंट प्रद्युम्न ठाकुर की गला रेतकर हत्या कर दी गई. आरोपी बस कंडक्टर अशोक कुमार को गिरफ्तार कर लिया है. आरोपी को शनिवार को कोर्ट में पेश किया जाएगा, उसने हत्या की बात स्वीकार कर ली है.

आरोपी ने अपना अपराध कुबूल करते हुए बताया कि वह चाकू साफ करने के लिए टॉयलेट गया था. वहां उसने बच्चे को देखा तो उसके साथ दुष्कर्म की कोशिश करने लगा. बच्चा डरकर चिल्लाने लगा तो उसने चाकू से उसका गला रेत दिया और उसे वहीं छोड़कर वहां से भाग गया.

कंडक्टर ने कहा, "मैं चाकू साफ करने टॉयलेट गया था. बच्चे को देखा तो बुद्धि भ्रष्ट हो गई. मुझे अफसोस है. मैं हर सजा के लिए तैयार हूं."

स्कूल परिसर में बच्चे की हत्या के बाद स्कूल प्रबंधन सवालों के घेरे में आ गया है. वहां पढ़ने वाले बच्चों के पेरेंट्स में अपनी बच्चों की सुरक्षा को लेकर सवाल हैं. वे घबराए हुए हैं कि इतनी बड़ी घटना के बाद वे कैसे अपने बच्चों को स्कूल जाने दे सकते हैं.

बच्चे की हत्या के बाद उठ रहे ये सवालः
> पहला सवाल यह कि स्कूल में चाकू कैसे आया. किसी को भी चाहे वह कंडक्टर हो या टीचर, उसे स्कूल परिसर के अंदर चाकू लाने की इजाजत कैसे दी जा सकती है?

> दूसरा सवाल यह कि बच्चों के टॉयलेट कंडक्टर क्या कर रहा था? वह स्टाफ टॉयलेट में क्यों नहीं गया? या क्या स्टाफ के लिए अलग टॉयलेट नहीं है? पेरेंट्स का कहना है कि जब उन्हें स्कूल परिसर के अंदर जाने की इजाजत नहीं दी जाती तो कंडक्टर को स्कूल बिल्डिंग में घुसने की इजाजत कैसे दी गई.

> तीसरा और महत्वपूर्ण सवाल यह कि रायन इंटरनेशनल स्कूल एक बड़ा स्कूल ग्रुप है. देशभर में उसकी 300 से ज्यादा शाखाएं हैं. स्कूल की फीस हजारों में है, ऐसे में स्कूल बिल्डिंग का सीसीटीवी कैमरा खराब कैसे था? खराब था तो ठीक क्यों नहीं करवाया गया?


अजय शर्मा ( मुंबई )

मुंबई के एक पुलिस थाणे वाकोला में प्रसिद्ध सामाजिक कार्यकर्ता अंजली दमानिया ने कल बुधवार शाम से ही अपने कार्यकर्ताओं के साथ इस पुलिस थाणे में अनिश्चित कालीन अनशन पर बैठी है। सारा मामला जलगाँव के विधायक एकनाथ खड़से से सम्बंधित है। उन्होंने दमानिया के विरुद अपशब्द बोले हैं। इसी विषय को लेकर खड़से के विरुद्ध आरोप लगाते हुए मामला दर्ज करने के लिए सरकार पर दबाव बनाकर सरकार की नींद हराम कर दी है। दमानिया ने,  
              एक तरफ जहाँ सरकारें महिला सशक्तिकरण की बात का ढोल बजाकर ठोस दावे प्रस्तुत करती है। अपने सरकार में महिला को रक्षा मंत्री बनाकर महिलाओं के आत्मविश्वास को मज़बूत करती है। वहीँ नेता मंत्री महिला की इज़्ज़त न करते हुए उनके विरुद्ध अपशब्द बोल देते हैं। देश भर में महिलाओं के साथ घटती कई घटना उदाहरण है। इस वक़्त की इस बड़ी खबर ने महाराष्ट्रा की राजनीति में भूचाल लाकर खड़ा कर दिया है। जिससे नेता मंत्रियों के दिल की धड़कनें तेज़ हो गयी हैं। महाराष्ट्रा विधान सभा में अपनी एक अलग सी पहचान बनाने वाले महाराष्ट्रा जलगाँव से विधायक एकनाथ खड़से एक बार फिर से आरोपों के घेरे में दिखते नज़र आ रहे हैं। मंत्री पद पर रहते हुए पहले भी उनपर एक गंभीर आरोप लगने की वजह से उनका मंत्रालय छीन गया था। लेकिन इस बार उनका सामना आप की पूर्व नेता व प्रसिद्ध सामाजिक कार्यकर्ता अंजली दमानिया से हो रहा है। दमानिया ने आज़ाद खबर और हिंदमाता मिरर के पत्रकार को वाकोला पुलिस थाणे में पूरी जानकारी देते हुए आरोपित तथ्य को बताया की इस सारे राजनितिक मामले का कारण उनके द्वारा फाइल किया एक पिटीशन जो खड़से के विरुद्ध है। जिसकी एक कॉपी खड़से के पास है। इस मामले को लेकर २ अगस्त को खड़से ने अपने जन्म दिन पर दमानिया के विरुद्ध अपशब्द बोले इसकी जानकारी मिलते ही बात कुछ साफ़ नहीं हुयी है। खड़से बोलने लगे की उन्होंने कुछ नहीं बोला है। इस पुरे मामले में पुलिस पूरी तरह से खामोश दिखी पुलिस उपायुक्त अनिल कुम्भारे ने भी इस मामले में कोई जवाब नहीं दिया है। पूरी इस खबर की जानकारी के लिए जब खड़से से संपर्क साधा गया तब उनका सेल ऑफ़ बताया। खड़से के विरुद्ध आरोप लगाते हुए उनके विरुद्ध मामला दर्ज हो इस बात को लेकर दमानिया अड़ चुकी हैं। और अनशन तब तक समाप्त नहीं होगा जब तक खड़से के विरुद्ध वाकोला पुलिस एफ आई आर दर्ज नहीं कर लेती है। अनशन २४ घंटे से ऊपर का वक़्त बीत गया है। दमानिया का कहना है। की जीत खड़से के गंद की होती है। या फिर मेरे सच की, जब तक उसके विरुद्ध मामला दर्ज नहीं होगा हम सभी यहाँ से हिलने वाले नहीं सरकार को झुकना होगा। खबर लिखे जाने तक कोई निर्णय नहीं लिया गया सरकार की तरफ से। वाकोला पुलिस थाणे में मीटिंग जारी है।