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भारतीय तेज़ गेंदबाज़ आशीष नेहरा एक नवंबर को न्यूजीलैंड के खिलाफ टी20 मैच के बाद क्रिकेट से संन्यास ले लेंगे. उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेस कर इसका ऐलान किया.

नेहरा ने सबसे पहले टीम के कप्तान विराट कोहली और कोच रवि शास्त्री को अपने संन्यास के बारे में बताया था. और तभी इस बारे में अफवाहें शुरू हो गई थीं. लेकिन नेहरा आखिरकार सामने आए और अपने संन्यास की बात को सही बताया.

नेहरा ने कहा, "ये मेरा खुद का फैसला है. एक नवंबर को दिल्ली में मैच होना है और अपने होमग्राउंड पर रिटायर होने से बड़ी बात क्या हो सकती है.

नेहरा ने बताया, "जब मुझे ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टी20 के लिए चुना गया, मैंने तभी कैप्टन कोहली और कोच शास्त्री को बता दिया था. मैंने उनसे कहा था कि मुझे लगता है भुवी और जसप्रीत शानदार तरीके से खेल रहे हैं. और मुझे लगता है कि मेरे जाने का ये सही समय है."
नेहरा से पूछे जाने पर कि क्या वो अब भी आईपीएल में खेलेंगे. इस पर उन्होंने कहा, "अगर मैंने कुछ सोच लिया है तो अब मैं पीछे मुड़कर नहीं देखूंगा. अगर मैं संन्यास ले रहा हूं तो मैं आईपीएल भी नहीं खेलूंगा."

मोहम्मद अज़हरूद्दीन की कप्तानी में 1999 में भारत की ओर से डेब्यू करने वाले नेहरा ने 17 टेस्ट, 120 वनडे और 26 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले. उन्होंने टेस्ट मैचों में 44, वनडे में 157 वनडे और टी20 अंतरराष्ट्रीय में 34 विकेट चटकाए.

नेहरा को हाल में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ तीन टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों की सीरीज़ के लिए भारतीय टीम में चुना गया था लेकिन उस समय सभी को हैरानी हुई जब पहले दो मैचों के लिए उन्हें प्लेइंग इलेवन में जगह नहीं मिली.


भारत की महिला क्रिकेट टीम की कप्तान मिताली राज की कहानी को बायोपिक के ज़रिए बयां किया जाएगा. मिताली को आशा है कि इससे युवा महिलाओं को खेल को अपने करियर के तौर पर चुनने के लिए प्रेरित होंगी. 'वायकॉम-18 मोशन पिक्चर्स' ने इसकी घोषणा मंगलवार को की.

इस बायोपिक के अधिकार 'वायकॉम-18 मोशन पिक्चर्स' द्वारा हासिल किए गए हैं. इस स्टूडियो वे 'क्वीन', 'मांझी : द माउंटेन मैन', 'भाग मिल्खा भाग', 'मैरी कॉम' और 'टॉयलेट- एक प्रेम कथा' जैसी फिल्में बनाई हैं.

मिताली ने एक बयान में कहा, "मैं 'वायकॉम-18 मोशन पिक्चर्स' के साथ जुड़कर काफी खुश हूं. आशा है कि इस फिल्म से युवा महिलाओं को खेल को एक करियर के तौर पर चुनने की प्रेरणा मिलेगी." महिलाओं के अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में मिताली सबसे अधिक रन बनाने वाली खिलाड़ी हैं और एकमात्र ऐसी खिलाड़ी हैं. वह वनडे में 6,000 रन पूरे करने वाली एकमात्र खिलाड़ी हैं.

इसके अलावा, मिताली वनडे में लगातार सात अर्धशतक लगाने वाली पहली महिला खिलाड़ी हैं. वह पहली ऐसी खिलाड़ी भी हैं, जिनकी कप्तानी में राष्ट्रीय टीम दो बार (2005, 2017) में आईसीसी वनडे विश्व कप के फाइनल में पहुंची. मिताली को उनकी इन उपलब्धियों के लिए 2015 में भारत का चौथा उच्चतम नागरिक पुरस्कार पद्मश्री से सम्मानित किया जा चुका है.
'वायकॉम-18 मोशन पिक्चर्स' के सीओओ अजीत अंधारे ने कहा, "यह स्टूडियो हमेशा से ही सशक्त और मज़बूत महिला किरदारों की भूमिकाओं को दर्शाता रहा है, फिर चाहे वह 'क्वीन' हो, 'मैरी कॉम' हो या 'कहानी'."

'वायकॉम-18 मोशन पिक्चर्स' के साथ साझेदारी के लिए मिताली राज को मेडालिन स्पोर्ट्स के निदेशक वरुण चोपड़ा द्वारा पुरस्कृत किया गया है. चोपड़ा ने कहा, "मिताली इतने साल से लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत रही हैं और अब उनकी कहानी पीढ़ियों को प्रोत्साहित करेगी."

श्रीलंका का सूपड़ा 9-0 से साफ करने वाली भारतीय टीम रविवार को आॅस्ट्रेलिया के खिलाफ वनडे सीरीज का पहला मैच खेलने उतरेगी. पिछले कुछ साल में भारत और आॅस्ट्रेलिया के बीच क्रिकेट के मैदान पर प्रतिद्वंद्विता काफी रोचक रही है. खिलाड़ियों का जुनून और तेवर पिछली बार टेस्ट सीरीज में देखने को मिले थे जिसमें भारत ने 2-1 से जीत दर्ज की थी.

भारत अगर आॅस्ट्रेलिया को 5-0 से हरा देता है तो आईसीसी विश्व रैंकिंग में शीर्ष पर पहुंच जायेगा, जबकि 4-1 से जीतने पर आॅस्ट्रेलिया पहले स्थान पर कब्जा कर लेगा. आॅस्ट्रेलियाई टीम में उसके शीर्ष दो तेज गेंदबाज मिशेल स्टार्क और जोश हेजलवुड नहीं हैं लेकिन स्टीव स्मिथ, डेविड वॉर्नर और ग्लेन मैक्सवेल की मौजूदगी टीम को काफी आक्रामक बनाती है. उनके लिये वैसे भी भारत दूसरे घर की तरह है.

अक्षर-चहल-कुलदीप होंगे खतरनाक
बायें हाथ के स्पिनर अक्षर पटेल फुटबॉल खेलते हुए टखने में चोट लगा बैठे. अब देखना यह होगा कि वह दोपहर के अभ्यास सत्र में भाग लेते हैं या नहीं. आॅस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों को हालांकि बखूबी इल्म होगा कि कलाई के स्पिनर कुलदीप यादव और युजवेंद्र चहल उनके लिये काफी खतरनाक साबित हो सकते हैं.
विराट-रोहित-धोनी की टीम फॉर्म में
कप्तान विराट कोहली के अलावा रोहित उस दमदार बल्लेबाजी क्रम का हिस्सा है जो किसी भी आक्रमण की बखिया उधेड़ सकता है. शिखर धवन की गैर मौजूदगी में रोहित और अजिंक्य रहाणे पारी का आगाज कर सकते हैं. कोहली भी जबर्दस्त फॉर्म में है और श्रीलंका के खिलाफ दो मैचों में शतक लगाये.एम एस धोनी ने दो मैचों में जीत के सूत्रधार की भूमिका निभाई.

2013 का बदला चाहेगी कंगारू टीम
दूसरी ओर एगर ने कहा कि उनके साथी खिलाड़ी एडम जाम्पा को भारत में और आईपीएल में खेलने का अनुभव है जिसका फायदा मिलेगा. स्मिथ की टीम 2013 की हार का बदला चुकता करना चाहेगी लेकिन इसके लिये उनके गेंदबाजों को कोहली एंड कंपनी के बल्लों पर अंकुश लगाने के तरीके तलाशने होंगे. टीम को पहले तीन मैचों में आरोन फिंच की कमी भी खलेगी जो चोट के कारण बाहर हैं.

टीमें :
भारत :
 विराट कोहली ( कप्तान ), रोहित शर्मा, अजिंक्य रहाणे, केएल राहुल, मनीष पांडे, केदार जाधव, हार्दिक पंड्या, एम एस धोनी, अक्षर पटेल, भुवनेश्वर कुमार, जसप्रीत बुमराह, उमेश यादव, मोहम्मद शमी, युजवेंद्र चहल, कुलदीप यादव.

आॅस्ट्रेलिया : स्टीव स्मिथ ( कप्तान ), डेविड वॉर्नर, हिल्टन कार्टराइट, ट्रेविस हेड, ग्लेन मैक्सवेल, मार्कस स्टोइनिस, मैथ्यू वेड, जेम्स फाकनेर, नाथन कूल्टर नाइल, पैट कमिंस, केन रिचर्डसन, एश्टोन एगर, एडम जाम्पा, पीटर हैंडस्कांब, आरोन फिंच.

रिकी पोंटिंग के 30 वनडे शतक की बराबरी को सम्मान की बात बताते हुए भारतीय कप्तान विराट कोहली ने कहा कि सचिन तेंदुलकर के 49 शतक के विश्व रिकॉर्ड के करीब भी पहुंचने के लिए उन्हें जीतोड़ मेहनत करनी होगी.

कोहली ने कहा, "महान सचिन तेंदुलकर अभी काफी आगे हैं. वहां तक पहुंचने के लिए बहुत मेहनत करनी होगी. मैं उसके बारे में सोच भी नहीं रहा. टीम के बारे में सोच रहा हूं. अगर मैं 90 पर नाबाद रहा और टीम जीत गई तो मेरे लिए वही काफी है."

उन्होंने कहा, "रिकी पोंटिंग जैसे खिलाड़ी के बराबर पहुंचना सम्मान की बात है. आप इसका लक्ष्य लेकर नहीं खेलते लेकिन वह महान खिलाड़ी और बल्लेबाज़ हैं. इनकी उपलब्धियों का हम सभी सम्मान करते हैं."

उन्होंने कहा, "मैं टीम के लिए सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन की कोशिश करता हूं. करियर के साथ ये सब चीजें भी होती रहती हैं. आप रिकॉर्ड के लिए नहीं खेलते लेकिन आकंड़ों को अनदेखा भी नहीं किया जा सकता."

शरदुल ठाकुर को एक साल से ज़्यादा समय पहले भारतीय टीम में चुन लिया गया था लेकिन उन्हें अभी तक पहले मैच में खेलने का इंतज़ार है और मुंबई के इस तेज़ गेंदबाज़ ने कहा कि वह संयम बरतकर इस दौरान खुद को इस मौके के लिए तैयार करते रहे हैं.

ठाकुर आज अपना अंतरराष्ट्रीय डेब्यू कर सकते हैं, जब भारतीय टीम यहां चौथे वनडे के लिए श्रीलंका से भिड़ेगी. कप्तान विराट कोहली ने खिलाड़ियों के रोटेशन का वादा किया था और अगर भारत भुवनेश्वर कुमार या जसप्रीत बुमराह को आराम देने का फैसला करता है तो ठाकुर को फायदा मिल सकता है.

ठाकुर ने कहा, "पिछले कुछ सालों से मैं काफी कड़ी मेहनत कर रहा हूं. जब भी मुझे मौका मिले, मुझे तैयार होना चाहिए. यह ध्यान में रखते हुए मैं हमेशा अपनी तैयारी करता हूं. भले वे मुझे खिलायें या नहीं, यह प्रबंधन का फैसला है. लेकिन आप व्यक्तिगत रूप से मुझसे पूछोगे तो जब भी मुझे मौका मिले तो मुझे मुकाबले के लिए तैयार रहना चाहिए और मुझे इसी के हिसाब से तैयारी करनी चाहिए." ठाकुर 2016 से अनिल कुंबले कोचिंग के दौरान से भारतीय दल का हिस्सा हैं, जब उन्होंने वेस्टइंडीज़ का दौरा किया था. वह तब से मौका मिलने का इंतज़ार कर रहे हैं, लेकिन अंतिम एकादश में खेलने का मौका नहीं मिला.

अब वह अपने गेंदबाज़ी कोच भरत अरूण के साथ काम कर रहे हैं. उन्होंने कहा, "मैं एनसीए में अंडर-19 शिविर के दौरान उनसे मिला था. यह एक तकनीकी कैम्प था, जिसमें खिलाड़ी प्रदर्शन करते और अपनी तकनीक पर काम करके बेहतर होते. यह मेरा उनके साथ भारतीय टीम में पहला मौका था और अभी तक यह अच्छा रहा है. अब मैं उनके साथ मैच संबंधित चर्चायें ज्यादा करता हूं."
उन्होंने कहा, "मुझे लगता है कि जब भी आप एक स्तर ऊपर बढ़ते -घरेलू से आप आईपीएल खेलते हो और आईपीएल से आप अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के लिए चुने जाते हो- तो आपके पास कौशल हमेशा होता है. लेकिन आपको मानसिक रूप से ज़्यादा तैयार होना होता है क्योंकि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट का दबाव अलग होता है और घरेलू क्रिकेट का दबाव अलग होता है." उन्हें कई घरेलू टेस्ट सीरीज में भी टीम में शामिल किया गया लेकिन बाद में घरेलू क्रिकेट में खेलने के लिए भेज दिया गया. इसके बाद वह राइज़िंग पुणे सुपरजाएंट के लिए आईपीएल में खेले.

रोहित शर्मा (124) और एमएस धोनी (67) की नाबाद पारियों के बूते भारत ने श्रीलंका को कैंडी में खेले गए तीसरे वनडे में 6 विकेट से हरा दिया. 218 रन के लक्ष्‍य को भारत ने 45.1 ओवर में हासिल कर लिया. इस जीत के साथ ही टीम इंडिया पांच वनडे की सीरीज में 3-0 की अजेय बढ़त ले चुकी है.

रोहित ने अपनी पारी में 145 गेंदों का सामना किया और 16 चौके तथा दो छक्के लगाए. धोनी ने अपनी पारी में 86 गेंदों का सामना किया और चार चौकों के साथ एक छक्का लगाया. श्रीलंका ने टॉस जीतकर पहले खेलते हुए 50 ओवरों में नौ विकेट पर 217 रन बनाए थे.

मेजबान टीम की ओर से लाहिरू थिरिमान्ने ने सर्वाधिक 80 रन बनाए जबकि दिनेश चांडीमल ने 36 रनों की पारी खेली. मिलिंदा श्रीवर्धना ने 29 रनों की अहम पारी खेली. अहम बात यह है कि दोनों खिलाड़ी स्थानापन्न के तौर पर इस मैच मे खेल रहे हैं.
उपुल थरंगा पर दो मैचों के प्रतिबंध के बाद इस मैच के लिए थिरिमान्ने की वापसी हुई जबकि चांडीमल ने चोटिल धनुष्का गुनाथिलाका के स्थान पर टीम में वापसी की.

भारतीय टीम की ओर से जसप्रीत बुमराह ने 27 रन देकर सर्वाधिक पांच विकेट लिए जबकि हार्दिक पंड्या, अक्षर पटेल और केदार जाधव को एक-एक सफलता मिली. भारत ने पांच मैचों की इस सीरीज में 2-0 की बढ़त बना रखी है.

पल्लेकेले में श्रीलंका के खिलाफ खेले गए दूसरे वनडे में भारतीय टीम ने 3 विकेट से जीत दर्ज की. यूं तो यह मुकाबला कम स्कोर का रहा, लेकिन दर्शकों की सांसें आखिर तक थमी रही. श्रीलंका के स्पिनर अकिला धनंजय के आगे भारतीय टीम पस्त दिखी. भारत का स्कोर एक समय पर 131 रन पर 7 हो गया, लेकिन फिर वो हुआ जिसको हर किसी का इंतजार था. पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने एक बार फिर अपना दम दिखाया और टीम इंडिया को जीत दिलाई.
68 गेंदों में 45 रनों की पारी यूं तो धोनी की किसी भी आम पारी से अलग थी, क्योंकि ना तो इसमें चौकों की झड़ी थी और ना ही छक्कों की बारिश. लेकिन इस तरह की परिस्थिति में ऐसी ही पारी की दरकार थी. धोनी ने बड़े ही शांति के साथ भुवनेश्वर कुमार के साथ मिलकर 100 रनों की साझेदारी की और टीम को विजय दिलाई.

2019 वर्ल्ड कप के लिए खुद को साबित करने का धोनी के पास आखिरी मौका

पिछले काफी समय से लगातार सवाल उठ रहे थे कि क्या अब धोनी का समय पूरा हो गया है, क्या अब उन्हें खेल छोड़ देना चाहिए. चीफ सिलेक्टर एमएसके प्रसाद ने भी कहा था कि धोनी की जगह टीम में पक्की नहीं है, अगर वो परफॉर्म करेंगे तो ही टीम में चयन होगा. एक बार फिर मैच फिनिशर की भूमिका अदा करके धोनी ने साबित कर दिया कि अभी उनमें दम है.

300 मैचों से दो कदम दूर

महेंद्र सिंह धोनी दो मैच और खेलते ही 300 वनडे पूरे कर लेंगे. धोनी ने अभी तक 298 मैचों में 9541 रन बनाए हैं. इस दौरान धोनी का औसत 51.57 रहा. वहीं धोनी के नाम 10 शतक और 64 अर्धशतक हैं. धोनी अपने करियर में लंबे छक्के जड़ने के लिए जाने जाते हैं, अभी तक वह 208 छक्के जड़ चुके हैं.


शिखर धवन ने फिर अपने आक्रामक तेवरों का खुलकर इज़हार करते हुए रविवार को नाबाद 132 रन बनाए और कप्तान विराट कोहली ने इसके लिए उनकी जमकर तारीफ करते हुए उम्मीद जताई कि इस सलामी बल्लेबाज़ का फार्म लंबे समय तक बरकरार रहेगा जिससे टीम को विजय अभियान जारी रखने में मदद मिलेगी.

धवन की 90 गेंदों पर खेली गई तूफानी पारी और कोहली (नाबाद 82) के साथ उनकी 197 रन की अटूट साझेदारी से भारत ने श्रीलंका को पहले एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय मैच में नौ विकेट से हराया. श्रीलंका की टीम इससे पहले अच्छी शुरुआत के बावजूद 216 रन पर ढेर हो गयी थी.

कोहली ने मैच के बाद कहा, "उन्होंने (श्रीलंका) वास्तव में अच्छी शुरुआत की थी. लग रहा था कि हमें 300 के करीब लक्ष्य मिलेगा. यह बल्लेबाजी के लिए अच्छा था और बाद में बल्लेबाजी करने का मतलब भी यही था कि गेंद अच्छी तरह से बल्ले पर आएगी. गेंद बहुत अच्छी तरह से बल्ले पर आ रही थी." धवन ने इससे पहले टेस्ट सीरीज़ में भी दो शतक लगाए थे और कोहली ने उनकी प्रशंसा के पुल बांधने में कोई कसर नहीं छोड़ी.

भारतीय कप्तान ने कहा, "धवन के लिए पिछले तीन महीने शानदार रहे और उन्होंने इस दौर का पूरा फायदा उठाया. उम्मीद है कि वह इस शानदार फॉर्म में बना रहेगा और हम यह सुनिश्चित करना चाहेंगे कि उसकी फॉर्म बना रहे क्योंकि जब तक उसका यह दौर चलता रहेगा वह हमारे लिए मैच जीतेगा." उन्होंने कहा, "जब उसका बल्ला चलने लग जाता है तो उसे रोकना आसान नहीं होता है." कोहली ने इसके साथ ही साफ किया कि उनकी टीम इंग्लैंड में 2019 में होने वाले वनडे विश्वकप पर लगी हैं और सभी खिलाड़ियों को मौका देने के लिए आगे टीम में बदलाव किया जा सकता है.
उन्होंने कहा, "आपको 24 महीने पहले तैयारी शुरू कर देनी होगी. हम प्रयोग करने जा रहे हैं. यहां से आपको कई बदलाव देखने को मिलेंगे. इसमें सभी खिलाड़ियों को शामिल किया जाएगा. यह अधिक से अधिक संतुलन हासिल करने से जुड़ा है. सीरीज़ के शुरू में बल्लेबाजी पर ध्यान देना ज़रूरी था." कोहली ने कहा, "अक्षर पटेल अच्छी बल्लेबाजी भी कर लेता है और वह तेज़तर्रार फील्डर भी है. हम एक लेग स्पिनर को पर्याप्त मानते हैं. अगले मैच में हो सकता है कि एक और तेज़ गेंदबाज़ को उतारें या तीन स्पिनरों के साथ खेलें. यह सब संतुलन हासिल करने से जुड़ा है."

श्रीलंकाई कप्तान उपुल थरंगा ने हार के लिए बल्लेबाजों को जिम्मेदार ठहराया. थरंगा ने कहा, "हमारी शुरुआत शानदार रही लेकिन हम उसे भुना नहीं सके. मध्यक्रम पूरी तरह ध्वस्त हो गया. एक समय हम 300 रन के बारे में सोच रहे थे लेकिन अगर आप तीन सौ रन के बारे में सोच रहे हैं तो किसी एक बल्लेबाज को बड़ा स्कोर बनाना होता है. हमें अपनी गलतियों से सिखना होगा. किसी एक खिलाड़ी को बड़ी पारी खेलनी होगी. गेंदबाजों को भी लय में आना होगा." मैन ऑफ द मैच धवन ने कहा कि अभी सब कुछ उनके अनुकूल चल रहा है और वह इस दौर का पूरा लुत्फ उठा रहे हैं.

अपने करियर का 11वां वनडे शतक जड़ने वाले बायें हाथ के इस बल्लेबाज़ ने कहा, "अभी चीजें मेरे अनुकूल चल रही है और मैं केवल प्रक्रिया पर ध्यान दे रहा हूं. मैं मानसिक तौर पर किसी तरह के दबाव में नहीं हूं और जब आप अच्छा प्रदर्शन कर रहे होते तो आप अतिरिक्त आत्मविश्वास में रहते हो." उन्होंने कहा, "ईश्वर की कृपा से चीजें मेरे हिसाब से चल रही हैं. आज मैं सिर्फ सकारात्मक होकर और गेंद के हिसाब से उसे खेलना चाहता था."
टीम इंडिया और श्रीलंका के बीच पांच मैचों की वनडे सीरीज का पहला मैच आज दोपहर 2:30 बजे से दांबुला के मैदान पर खेला जाएगा. टेस्ट सीरीज में 3-0 से ऐतिहासिक जीत दर्ज करने के बाद टीम इंडिया वनडे सीरीज पर भी कब्जा करने के इरादे से मैदान पर उतरेगी. आईसीसी वनडे रैंकिग में तीसरे स्थान पर मौजूद टीम इंडिया के पास ऐसे कई खिलाड़ी हैं जो श्रीलंका टीम पर भारी पड़ सकते हैं.
अगर बात की जाए मौजूदा फॉर्म की, तो टीम इंडिया का पलड़ा मेजबान श्रीलंका टीम पर भारी है. साथ ही विराट ब्रिगेड इस वनडे सीरीज को जीतने की प्रबल दावेदार भी है. हालांकि जब पिछली बार दोनों टीमें आमने-सामने थी, तो श्रीलंका ने टीम इंडिया को 6 विकेट से करारी शिकस्त दी थी. चैंपियंस ट्रॉफी टूर्नामेंट के लीग मैच में मेजबान टीम ने भारतीय टीम को झटका दिया था. लेकिन उस जीत के बाद श्रीलंकाई टीम अब तक कुछ खास नहीं कर पाई है.
आपको बता दें कि श्रीलंका को जुलाई में अपनी ही घरेलू सरजमीं पर जिंबाब्वे के खिलाफ 2-3 हार झेलनी पड़ी थी. जिसके बाद उस समय के कप्तान एंजेलो मैथ्यूज ने कप्तानी से इस्तीफा दे दिया था. एंजेलो मैथ्यूज के बाद अब श्रीलंका के सीनियर बल्लेबाज उपुल थरंगा भारत के खिलाफ पांच मैचों की वनडे सीरीज में श्रीलंकाई टीम की अगुवाई करेंगे.
टीम इंडिया
भारत के पास विराट कोहली, शिखर धवन, रोहित शर्मा और महेंद्र सिंह धोनी जैसे बल्लेबाजों के साथ जसप्रीत बुमराह, भुवनेश्वर और कुलदीप यादव जैसे गेंदबाज भी हैं. भारत के दोनों सलामी बल्लेबाज शिखर धवन और रोहित शर्मा बढ़िया फॉर्म में हैं. दोनों खिलाड़ियों ने चैंपियंस ट्रॉफी के दौरान शानदार बल्लेबाजी की थी.
टेस्ट में ओपनिंग बल्लेबाजी करने वाले केएल राहुल वनडे में चौथे नंबर पर बल्लेबाजी करेंगे. राहुल को वनडे का ज्यादा अनुभव तो नहीं हैं लेकिन अब तक खेले 6 मैचों में उन्होंने 220 रन बनाए हैं जिसमें एक शतक और एक अर्धशतक शामिल है.
वहीं श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट सीरीज में भी उनका प्रदर्शन अच्छा था. महेंद्र सिंह धोनी, जो कि कप्तानी छोड़ने के बाद और ज्यादा खतरनाक हो गए हैं. धोनी ने पिछले एक साल में 18 मैचों में 52.54 की औसत से 578 रन बनाए हैं. जिसमें एक शतक और चार अर्धशतक शामिल हैं. वहीं विकेट के पीछे धोनी की फुर्ती का कोई जवाब नहीं है.
श्रीलंका पर अपना दबदबा कायम रखेगा भारत
भारत और श्रीलंका के बीच अब तक 150 वनडे मैच हो चुके हैं. इसमें से भारतीय टीम ने 83 मैच जीते हैं, जबकि श्रीलंका को 55 में जीत मिली है. इसमें से सिर्फ एक मैच टाई रहा और 11 में कोई परिणाम नहीं निकला. दोनों टीमों के जीत के आंकड़े में टीम इंडिया का पलड़ा भारी है. टीम इंडिया ये वनडे सीरीज क्यों जीत सकती है, इसका एक कारण उसका जबरदस्त फॉर्म भी है.
श्रीलंका और भारत वनडे मैचों में
भारत - 83
श्रीलंका - 55
बेनतीजा - 11
टाई - 1
कुल - 150
श्रीलंका पर मंडराया वर्ल्ड कप 2019 से बाहर होने का खतरा
श्रीलंका टीम पर 2019 वर्ल्ड कप में सीधे तौर पर प्रवेश के लिए दबाव बना हुआ है. श्रीलंका को अगर वर्ल्ड कप 2019 के लिए सीधे तौर पर प्रवेश करना है, तो उसे भारत के खिलाफ कम से कम 2 वनडे मैचों में जीत दर्ज करनी होगी. आपको बता दें कि हाल ही में जारी आईसीसी की ताजा वनडे रैंकिंग में श्रीलंका 88 अंकों के साथ आठवें स्थान पर है. अगर वह भारत के खिलाफ दो वनडे मैचों में जीत हासिल करता है, तो उसके पास 90 अंक हो जाएंगे.
वनडे रैंकिंग में 78 अंकों के साथ नौवें स्थान पर काबिज वेस्टइंडीज टीम अगर आयरलैंड के खिलाफ वनडे सीरीज व इंग्लैंड के खिलाफ पांच वनडे मैचों में जीत हासिल करती है, तो उसके पास 88 अंक हो जाएंगे. श्रीलंका को ऐसे में वेस्टइंडीज से पिछड़ने का डर है. मेजबान इंग्लैंड के साथ वनडे रैंकिंग में शीर्ष सात टीमें सीधे तौर पर 2019 वर्ल्ड कप टूर्नामेंट में प्रवेश करेंगी.
श्रीलंकाई टीम में उपुल तरंगा, एंजेलो मैथ्यूज और दिनेश चांडीमल जैसे बल्लेबाज हैं, जो श्रीलंका के लिए वनडे में शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं. श्रीलंका की गेंदबाजी की बात करें, तो उसके पास लसित मलिंगा जैसे गेंदबाज हैं. इसके अलावा, टीम में थिसारा परेरा और मलिंदा सिरिवर्दना की वापसी हुई है. मलिंदा पुष्पकुमारा इस सीरीज से वनडे में डेब्यू करेंगे.
श्रीलंका में वनडे मैचों में टीम इंडिया
भारत - 23
श्रीलंका - 27
बेनतीजा - 6
कुल - 56
टीम इंडिया ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर कैंडी में झंडा फहराया और राष्ट्रगान गाया. इस मौके पर कप्तान विराट कोहली ने झंडोत्तोलन किया. इस दौरान टीम के हेड कोच रवि शास्त्री सहित भारतीय टीम के सारे खिलाड़ी और सपोर्टिंग स्टाफ मौजूद रहे. बीसीसीआई ने ध्वजारोहण का वीडियो जारी किया है.एक दिन पहले ही विराट ब्रिगेड ने 85 साल में पहली बार विदेश में व्हाइटवॉश का भारतवासियों को तोहफ दिया था. पल्लेकले टेस्ट के तीसरे ही दिन टीम इंडिया श्रीलंका पर पारी और 72 रनों से जीत के साथ ही सीरीज में 3-0 से व्हाइटवॉश का कारनामा कर चुकी है. 
श्रीलंका दौरे पर टेस्ट सीरीज में शानदार प्रदर्शन के बाद अब वनडे और टी-20 की बारी है. इसके लिए टीम इंडिया का ऐलान कर दिया गया है. युवराज सिंह, रविचंद्रन अश्विन और रवींद्र जडेजा को वनडे टीम से बाहर रखा गया है. जबकि बल्लेबाज मनीष पांडे को मौका दिया गया है.
टेस्ट सीरीज खत्म होने के बाद विराट ब्रिगेड श्रीलंका के साथ 5 वनडे और एक टी-20 मैच खेलेगी. ये सीरीज 20 अगस्त से शुरू होगी.
15 सदस्यीय टीम में अक्षर पटेल, कुलदीप यादव और युजवेंद्र चहल के रूप में तीन स्पिनरों को रखा गया है. जबकि तेज गेंदबाजी में जसप्रीत बुमराह, भुवनेश्वर कुमार और शार्दुल ठाकुर जिम्मेदारी संभालेंगे.
ये है पूरी टीम
विराट कोहली, कप्तान
रोहित शर्मा, उप-कप्तान
शिखर धवन
केएल राहुल
मनीष पांडे
अजिंक्य रहाणे
केदार जाधव
एमएस धोनी, विकेटकीपर
हार्दिक पंड्या
अक्षर पटेल
कुलदीप यादव
युजवेंद्र चहल
जसप्रीत बुमराह
भुवनेश्वर कुमार
शार्दुल ठाकुर
ये है पूरी सीरीज का शेड्यूल
पहला वनडे- 20 अगस्त (दांबुला)
दूसरा वनडे- 24 अगस्त (कैंडी)
तीसरा वनडे- 27 अगस्त (कैंडी)
चौथा वनडे- 31 अगस्त (कोलंबो)
पांचवा वनडे- 3 सितंबर (कोलंबो)
इन पांच मैंचों के बाद दोनों टीमों के बीच एक टी-20 मैच खेला जाएगा. ये मैच 6 सितंबर को कोलंबो में खेला जाएगा.

भारतीय ऑलराउंडर रविंद्र जडेजा अब टेस्ट के नंबर 1 ऑलराउंडर बन गए हैं. गेंदबाजों की रैंकिंग में जडेजा पहले से ही शीर्ष पर विराजमान हैं. जडेजा से पहले बांग्लादेश के शाकिब अल हसन नंबर एक ऑलराउंडर थे. आपको बता दें कि श्रीलंका के खिलाफ दूसरे टेस्ट में नियमों के उल्लंघन के कारण उनपर एक मैच का बैन लगा है, वह तीसरा टेस्ट मैच नहीं खेल पाएंगे.

रविंद्र जडेजा के अब 438 प्वाइंट्स हैं, वहीं शाकिब के 431 प्वाइंट्स हैं. वहीं दूसरी तरफ टेस्ट रैंकिंग में भी जडेजा के 893 प्वाइंट्स हैं और दूसरे नंबर पर चल रहे जेम्स एंडरसन के 860 प्वाइंट्स हैं. गौरतलब है कि श्रीलंका के खिलाफ दूसरे टेस्ट में रविंद्र जडेजा मैन ऑफ द मैच बने थे. उन्होंने 70 रनों की पारी खेली थी, वहीं मैच में कुल 7 विकेट भी झटके थे.

रविंद्र जडेजा के नंबर वन टेस्ट ऑलराउंडर बनने पर कप्तान विराट कोहली ने भी बधाई दी. कोहली ने ट्वीट किया कि हमारे तलवारबाजी के मास्टर को बधाई हो, शाबाश!
भारतीय क्रिकेटर इरफान पठान एक बार फिर सोशल मीडिया पर ट्रोलर्स का शिकार हुए हैं. इरफान ने सोमवार को रक्षाबंधन के मौके पर हाथ में राखी बांधे हुए तस्वीर शेयर की, जिस पर लोगों ने कई तरह के कमेंट किए.

लोगों ने लिखा कि आप ये क्या कर रहे हो, आप एक मुसलमान हो. कमेंट में लिखा गया कि मुझे बहुत अफसोस है कि तुम्हारे जैसे मुसलमान हैं. तुम्हें कोई इस्लामिक तारीख तो याद नहीं होगी, लेकिन रक्षाबंधन तुम्हें याद है. वहीं एक व्यक्ति ने लिखा कि ये इस्लाम में सही नहीं है.

आपको बता दें कि ये पहली बार नहीं है कि इरफान पठान को सोशल मीडिया पर ट्रोल किया गया है. पहले इरफान ने अपने फेसबुक पर अपनी पत्नी के साथ फोटो डाली थी. जिसके बाद लोगों ने उन्हें काफी ट्रोल किया. पठान ने फोटो डालते हुए लिखा कि ये लड़की एक मुसीबत है. फोटो में इरफान और उनकी पत्नी सफा बेग एक गाड़ी में बैठे हुए दिख रहे थे. सफा फोटो में अपना चेहरा छुपाने की कोशिश कर रही हैं. आपको बता दें कि सफा सऊदी अरब की एक मॉडल हैं.
टीम इंडिया ने श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट सीरीज़ के दूसरे मैच में मेज़बान टीम को पारी और 53 रन से हराया. भारत ने टेस्ट सीरीज़ पर कब्ज़ा भी जमा लिया. भारतीय कैप्टन विराट कोहली ने श्रीलंका के खिलाफ जीत के बाद कहा कि उनकी टीम ने जीतने की आदत बना ली है और वह अपने इस अभियान को आगे भी जारी रखना चाहते हैं. कोहली ने कहा, "ड्रेसिंग रूम में हम एक दूसरे के प्रयास का वास्तव में पूरा लुत्फ उठाते हैं. हम वास्तव में एक टीम के रूप में अच्छा महसूस करते हैं और हम अभी लगातार जीत दर्ज कर रहे हैं. लेकिन हम समझते हैं कि इसे बरकरार रखना भी बेहद महत्वपूर्ण है."

भारतीय कप्तान ने कहा कि उनकी टीम ने धैर्य नहीं खोया और तीसरे दिन उचित परिणाम हासिल नहीं करने के बावजूद अनुशासित गेंदबाजी जारी रखी.

रेसलिंग स्टार से मिले कोहली
इसके बाद कोहली रेसलिंग स्टार द ग्रेट खली से मिले. इस मुलाकात की तस्वीरें उन्होंने सोशल मीडिया पर शेयर की हैं. कोहली ने लिखा, द ग्रेट खली से मिलना शानदार रहा. कोहली ने जो तस्वीरें शेयर कीं उसमें वह काफी मस्त अंदाज में दिख रहे हैं. सोशल मीडिया पर तस्वीर वायरल है. इसे अब तक 4 हजार से ज्यादा बार री-ट्वीट किया जा चुका है.
कोलंबो. सिंहली स्पोर्ट्स क्लब मैदान पर खेले जा रहे दूसरे टेस्ट मैच में श्रीलंका की पहली पारी सिर्फ 183 रन पर सिमट गई. आर. अश्विन ने सबसे अधिक 5 विकेट अपने नाम किए, जबकि मोहम्मद शमी और रवींद्र जडेजा ने दो-दो विकेट लिए. उमेश यादव ने एक विकेट लिया. भारतीय टीम ने पहली पारी में 9 विकेट पर 622 रन बनाए थे. पुजारा और रहाणे सेंचुरी लगाई थी.

श्रीलंका की दूसरी पारी
श्रीलंका ने भारत के खिलाफ दूसरे क्रिकेट टेस्ट के तीसरे दिन फालोऑन खेलते हुए दूसरी पारी में दो विकेट पर 209 रन बनाए. कुसाल मेंडिस ने 110 रन की पारी खेली. दिन का खेल खत्म होने पर दिमुथ करुणारत्ने 92 रन बनाकर खेल रहे थे. श्रीलंका अब भी पहली पारी के आधार पर भारत से 230 रन से पीछे है.
पहली पारी में ऐसे सिमटी श्रीलंका
श्रीलंका ने दूसरे दिन का खेल खत्म होने तक दो विकेट पर 50 रन बनाए थे. कुशल मेंडिस 16 और दिनेश चांडीमल 8 रनों पर नाबाद लौटे थे. मेंडिस (24) को तीसरे दिन उमेश यादव ने 64 के कुल योग पर चलता किया जबकि चांडीमल (10) को रवींद्र जडेजा ने 60 के कुल योग पर पवेलियन की राह दिखाई.

इसके बाद श्रीलंका ने लगातार अंतराल पर कप्तान एंजेलो मैथ्यूज (26), निरोशन डिकवाला (51), धनंजय सिल्वा (0), दिलरुआन परेरा (25) रंगना हेराथ (2) और नुवान प्रदीप (0) के विकेट गंवाए. मेलिंडा पुष्पकुमार 15 रनों पर नाबाद लौटे.

डिकवाला ने अपनी 48 गेंदों की आकर्षक पारी में सात चौके और एक छक्का लगाया. भारत की ओर से अश्विन के अलावा मोहम्मद समी और जडेजा ने दो-दो विकेट लिए जबकि उमेश को एक सफलता मिली. भारत ने गॉल में खेला गया पहला टेस्ट मैच 304 रनों से अंतर से जीता था. उसने तीन मैचों की सीरीज में 1-0 की बढ़त बना रखी है.
डर्बी: भारत ने आईसीसी महिला विश्व कप के 11वें मैच में पाकिस्तान को आसान मुकाबले में 95 रनों से हरा दिया. टूर्नामेंट में भारतीय टीम की यह लगातार तीसरी जीत है, जिसके साथ भारत अंकतालिका में पहले स्थान पर पहुंच गई. इस मैच में गेंदबाजों का दबदबा रहा. पहले पाकिस्तानी गेंदबाजों ने भारत को खुलकर नहीं खेलने दिया और नौ विकेट पर 169 रनों पर ही रोक दिया. इसके बाद भारतीय गेंदबाजों का जलवा देखने को मिला और उन्होंने पाकिस्तान को 74 रनों पर ही समेटकर दमदार जीत हासिल की. भारत की सबसे सफल गेंदबाज एकता बिष्ट रहीं. उन्होंने 10 ओवरों में दो मेडेन फेंकते हुए 18 रन देकर पांच विकेट लिए. मानषी जोशी ने दो विकेट चटकाए, जबकि झूलन गोस्वामी, दीप्ति शर्मा, और हरमनप्रती कौर को एक-एक सफलता मिली।
ये तीसरा मौका है जब आईसीसी की बेहद प्रतिष्ठित टूर्नामेंट चैंपियस ट्रॉफी का आयोजन इंग्लैंड में हो रहा है. अगर भारत के लिए पिछली बार यानी 2013 का टूर्नामेंट सबसे यादगार रहा है तो पहली बार इंग्लैंड में इस टूर्नामेंट का आयोजन कैरेबियाई क्रिकेट के लिए एक सुनहरी याद भी है.

वेस्ट इंडीज़ बिन सब सूना....
1975 और 1979 में दो लगातार वर्ल्ड कप जीतने के बाद वेस्टइंडीज़ की पराक्रमी टीम 1983 में वर्ल्ड कप के फाइनल में भी पहुंची. लेकिन, एक बार इंग्लैंड में वो फाइनल क्या हारे वन-डे क्रिकेट से धीरे-धीरे इस टीम की हस्ती ही घटती चली गई.

2004 में ब्रायन लारा की टीम ने किया था चमत्कार!


लेकिन 2004 में ब्रायन लारा की कप्तानी में वेस्टइंडीज़ की टीम ने चमत्कारिक अंदाज़ में फाइनल में इंग्लैंड को हराकर ट्रॉफी जीती थी. लगभग मैच में रोमांच वैसा ही था जैसा कि 2013 के फाइनल में भारत और मेज़बान इंग्लैंड के बीच देखने को मिला था. जीत के लिए 218 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए वेस्टइंडीज़ ने 147 रन पर आंठवा विकेट शिवनारायण चन्द्रपॉल के तौर पर खोया तो ऐसा लगा कि वेस्टइंडीज़ की हार तय हो गई. लेकिन, इसके बाद कोर्टनी ब्राउन और इयन ब्रैडशॉ ने असाधारण साझेदारी करते हुए मेज़बान को छकाया. इस जीत के बाद ऐसा लगा वेस्टइंडीज़ क्रिकेट का फिर से उदय हो गया.

उतार-चढ़ाव बन गया है कैरेबियाई क्रिकेट की नई पहचान
पिछले दो दशक में तमाम उतार-चढ़ाव के बावजूद वेस्टइंडीज़ की टीम अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में लगातार अपनी खोयी साख को हासिल करने की कोशिश में जुटी रही. टेस्ट क्रिकेट में भले ही वेस्टइंडीज़ का संघर्ष ख़त्म नहीं होता दिख रहा है लेकिन दो बार टी20 वर्ल्ड कप में चैंपियन बनकर कैरेबियाई टीम ने ये दिखाया कि छोटे फॉर्मेट में ये अब भी अच्छी टीम है.

6 महीने पहले वेस्टइंडीज़ से छूटी चैंपियंस ट्रॉफी की बस!
बहरहाल, वन-डे क्रिकेट में इस टीम के खेल में गिरावट का सिलसिला बरकरार है. आईसीसी के नए नियमों के मुताबिक सिर्फ दुनिया की टॉप 8 टीमें ही चैंपियंस ट्रॉफी में शिरकत कर सकती हैं और इसके चलते 9वें पायदान पर चलने वाली कैरेबियाई टीम के लिए इस टूर्नामेंट में खेलने का रास्ता 6 महीने पहले ही ख़त्म हो गया था.

मेज़बान इंग्लैंड को खलेगी कैरेबियाई टीम की कमी...
लेकिन, वेस्टइंडीज़ के बगैर पहली बार आईसीसी एक ऐसे टूर्नामेंट का आयोजन करने जा रही है. ख़ासकर, इंग्लैंड में जहां पर कैरेबियाई मूल के काफी लोग क्रिकेट को उतना ही प्यार करते हैं और अतीत के गौरव को तलाशने की कोशिश भी करते हैं. लेकिन, वेस्टइंडीज़ के बगैर चैंपिंयस ट्रॉफी थोड़ी फीकी होगी. ना तो आपको चैंपियंस डांस देखने को मिलेगा और ना ही बिंदास और दिलदार खिलाड़ी.

ब्राज़ील के बगैर फुटबॉल कैसा, वेस्टइंडीज़ के बगैर क्रिकेट भी फीका..
जिस तरह से भारत के क्रिकेटर इस खेल को एक अलग रंग देते हैं, पाकिस्तान जुझारु छवि पेश करता है, इंग्लैंड संस्कृति की झलक देता है, ऑस्ट्रेलिया जीतने की आदत को दर्शाता है तो वेस्टइंडीज़ का नज़रिया ये दिखाता है कि ये खेल है और खेल सिर्फ मस्त होकर ही खेला जाता है.

कैरिबियाई संगीत और नाच के बगैर वाकई इंग्लैंड में चैंपियंस ट्रॉफी का मज़ा आधा होगा. ये तो कुछ ऐसा ही है कि दुनिया के किसी हिस्से में एक बहुत बड़े फुटबॉल टूर्नामेंट का आयोजन हो रहा हो और उसमें ब्राज़ील की ना तो कोई टीम हो और ना ही इसका कोई खिलाड़ी. ये ठीक है कि ब्राज़ील की टीम की हैसियत फुटबॉल में इतनी कमज़ोर नहीं है जैसी हालत आज मौजूदा कैरेबियाई क्रिकेट की है. लेकिन, ऐतिहासिक लहज़े में क्रिकेट में वेस्टइंडीज़ टीम की अहमियत कुछ वैसी ही है.ये तीसरा मौका है जब आईसीसी की बेहद प्रतिष्ठित टूर्नामेंट चैंपियस ट्रॉफी का आयोजन इंग्लैंड में हो रहा है. अगर भारत के लिए पिछली बार यानी 2013 का टूर्नामेंट सबसे यादगार रहा है तो पहली बार इंग्लैंड में इस टूर्नामेंट का आयोजन कैरेबियाई क्रिकेट के लिए एक सुनहरी याद भी है.

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1975 और 1979 में दो लगातार वर्ल्ड कप जीतने के बाद वेस्टइंडीज़ की पराक्रमी टीम 1983 में वर्ल्ड कप के फाइनल में भी पहुंची. लेकिन, एक बार इंग्लैंड में वो फाइनल क्या हारे वन-डे क्रिकेट से धीरे-धीरे इस टीम की हस्ती ही घटती चली गई.

2004 में ब्रायन लारा की टीम ने किया था चमत्कार!


लेकिन 2004 में ब्रायन लारा की कप्तानी में वेस्टइंडीज़ की टीम ने चमत्कारिक अंदाज़ में फाइनल में इंग्लैंड को हराकर ट्रॉफी जीती थी. लगभग मैच में रोमांच वैसा ही था जैसा कि 2013 के फाइनल में भारत और मेज़बान इंग्लैंड के बीच देखने को मिला था. जीत के लिए 218 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए वेस्टइंडीज़ ने 147 रन पर आंठवा विकेट शिवनारायण चन्द्रपॉल के तौर पर खोया तो ऐसा लगा कि वेस्टइंडीज़ की हार तय हो गई. लेकिन, इसके बाद कोर्टनी ब्राउन और इयन ब्रैडशॉ ने असाधारण साझेदारी करते हुए मेज़बान को छकाया. इस जीत के बाद ऐसा लगा वेस्टइंडीज़ क्रिकेट का फिर से उदय हो गया.

उतार-चढ़ाव बन गया है कैरेबियाई क्रिकेट की नई पहचान
पिछले दो दशक में तमाम उतार-चढ़ाव के बावजूद वेस्टइंडीज़ की टीम अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में लगातार अपनी खोयी साख को हासिल करने की कोशिश में जुटी रही. टेस्ट क्रिकेट में भले ही वेस्टइंडीज़ का संघर्ष ख़त्म नहीं होता दिख रहा है लेकिन दो बार टी20 वर्ल्ड कप में चैंपियन बनकर कैरेबियाई टीम ने ये दिखाया कि छोटे फॉर्मेट में ये अब भी अच्छी टीम है.

6 महीने पहले वेस्टइंडीज़ से छूटी चैंपियंस ट्रॉफी की बस!
बहरहाल, वन-डे क्रिकेट में इस टीम के खेल में गिरावट का सिलसिला बरकरार है. आईसीसी के नए नियमों के मुताबिक सिर्फ दुनिया की टॉप 8 टीमें ही चैंपियंस ट्रॉफी में शिरकत कर सकती हैं और इसके चलते 9वें पायदान पर चलने वाली कैरेबियाई टीम के लिए इस टूर्नामेंट में खेलने का रास्ता 6 महीने पहले ही ख़त्म हो गया था.

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लेकिन, वेस्टइंडीज़ के बगैर पहली बार आईसीसी एक ऐसे टूर्नामेंट का आयोजन करने जा रही है. ख़ासकर, इंग्लैंड में जहां पर कैरेबियाई मूल के काफी लोग क्रिकेट को उतना ही प्यार करते हैं और अतीत के गौरव को तलाशने की कोशिश भी करते हैं. लेकिन, वेस्टइंडीज़ के बगैर चैंपिंयस ट्रॉफी थोड़ी फीकी होगी. ना तो आपको चैंपियंस डांस देखने को मिलेगा और ना ही बिंदास और दिलदार खिलाड़ी.

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जिस तरह से भारत के क्रिकेटर इस खेल को एक अलग रंग देते हैं, पाकिस्तान जुझारु छवि पेश करता है, इंग्लैंड संस्कृति की झलक देता है, ऑस्ट्रेलिया जीतने की आदत को दर्शाता है तो वेस्टइंडीज़ का नज़रिया ये दिखाता है कि ये खेल है और खेल सिर्फ मस्त होकर ही खेला जाता है.

कैरिबियाई संगीत और नाच के बगैर वाकई इंग्लैंड में चैंपियंस ट्रॉफी का मज़ा आधा होगा. ये तो कुछ ऐसा ही है कि दुनिया के किसी हिस्से में एक बहुत बड़े फुटबॉल टूर्नामेंट का आयोजन हो रहा हो और उसमें ब्राज़ील की ना तो कोई टीम हो और ना ही इसका कोई खिलाड़ी. ये ठीक है कि ब्राज़ील की टीम की हैसियत फुटबॉल में इतनी कमज़ोर नहीं है जैसी हालत आज मौजूदा कैरेबियाई क्रिकेट की है. लेकिन, ऐतिहासिक लहज़े में क्रिकेट में वेस्टइंडीज़ टीम की अहमियत कुछ वैसी ही है.
लंदन: सीनियर बल्लेबाज युवराज सिंह चैम्पियंस ट्रॉफी से पहले न्यूजीलैंड के खिलाफ रविवार को पहला अभ्यास मैच नहीं खेल सकेंगे चूंकि वह बुखार की चपेट में हैं. युवराज ने पहले दो अभ्यास सत्र में भी भाग नहीं लेंगे. बीसीसीआई ने हालांकि कहा कि वह तेजी से ठीक हो रहे हैं. विज्ञप्ति के अनुसार, बीसीसीआई की मेडिकल टीम ने इसकी पुष्टि की है कि भारतीय हरफनमौला युवराज सिंह तेजी से ठीक हो रहे हैं. ज्यादा चिंता की कोई बात नहीं है. उन्हें आराम की सलाह दी गई है और वह रविवार को न्यूजीलैंड के खिलाफ पहला अभ्यास मैच नहीं खेल सकेंगे.
गत चैम्पियन भारत यहां चैम्पियंस ट्रॉफी से पूर्व अपने पहले अभ्यास मैच में रविवार को न्यूजीलैंड का सामना करेगा. इंडियन प्रीमियर लीग में छह हफ्ते खेलने के बाद दो अभ्यास मैचों से टीम इंडिया को 50 ओवर के प्रारूप से सामंजस्य बैठाने में मदद मिलेगी और टूर्नामेंट से पहले टीम स्थायी संयोजन तैयार करना चाहेगी. भारत ने अपना पिछला वनडे अंतरराष्ट्रीय मैच इंग्लैंड के खिलाफ जनवरी में खेला था. मैच को आधिकारिक दर्जा हासिल नहीं है इसलिए टीम के सभी 15 सदस्यों को खेलने का मौका मिलेगा. सभी की नजरें अश्विन पर लगी हैं जो दो महीने के ब्रेक के बाद वापसी कर रहे हैं क्योंकि बीसीसीआई चाहता था कि घरेलू सत्र में सभी 13 टेस्ट खेलने के बाद थकान से उबरने के लिए वह आईपीएल में नहीं खेले. अभ्यास मैच अश्विन को मैच अभ्यास का पर्याप्त मौका देगा क्योंकि अगर टीम प्रबंधन अंतिम एकादश में सिर्फ एक विशेषज्ञ स्पिनर के साथ उतरने का फैसला करता है तो उन्हें अंतिम एकादश में रविंद्र जडेजा से चुनौती मिल सकती है. अश्विन को इस मैच के जरिए ओवल की सपाट पिच पर केन विलियमसन, मार्टिन गुप्टिल और टाम लैथम जैसे खिलाड़ियों के खिलाफ अपने कौशल को परखने का मौका मिलेगा.